स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीनेशन साइट्स का किया अवलोकन...

फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन हुआ शुरू 

ग्वालियर। प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स का कोविड-19 वैक्सीनेशन सोमवार को शुरू हुआ। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भोपाल में प्रतिमा मलिक पुलिस हॉस्पिटल, कलेक्टर कार्यालय और आईएसबीटी स्थित नगर निगम कार्यालय में बनाये गये वैक्सीनेशन साइट्स की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में 825 वैक्सीनेशन साइट्स पर फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह 4 दिन फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन किया जायेगा। 

अभी तक 3 लाख 31 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स वैक्सीनेशन के लिये पंजीकृत हुए हैं। यह वर्कर पुलिस, राजस्व, नगरीय निकाय और पंचायत संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि सभी स्थानों पर प्रोटोकॉल के अनुसार वैक्सीनेशन की व्यवस्थाएँ पाई गईं। वैक्सीनेशन के लिये पहुँचे लाभार्थियों से भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने चर्चा की। लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें वैक्सीन का डोज लेने के बाद किसी प्रकार की कोई दिक्कत महसूस नहीं हो रही है। इसके साथ ही पंजीकरण केन्द्र पर वैक्सीन लगवाने के लिये अपनी बारी का इंतजार कर रहे लाभार्थियों ने बताया कि वैक्सीन के प्रति उनके मन में कोई शंका नहीं है। लाभार्थियों ने बताया कि वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना के डर से मुक्त हो सकेंगे। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शुरू किया गया है। अब तक इस अभियान में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स से भी आग्रह किया कि वह प्राप्त मैसेज के अनुसार नियत समय पर वैक्सीनेशन केन्द्र पहुँचकर वैक्सीन का डोज लगवायें। यह कोरोना से मुक्ति के लिये हम सबको जरूरी है। मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और उनके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाया जा रहा है। अगले चरण में 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई जायेगी। मैं भी इस समूह में शामिल हूँ।