ग्रामीण अंचल में पहुंच कर लिया जल संरचनाओं का जायजा…

बरसात से पहले जल संवर्धन के कार्य प्रमुखता से करायें : कलेक्टर

ग्वालियर। बरसात के पहले जल संरक्षण व संवर्धन के काम प्रमुखता से हाथ में लिये जायें, काम ऐसे हों जिनसे  जरूरतमंदों को रोजगार भी मिले। इस आशय के निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जनपद पंचायत मुरार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिये। श्री सिंह ने गुरूवार को जनपद पंचायत मुरार के अंतर्गत राहुली व बेहट ग्राम पंचायत सहित अन्य गांवों का भ्रमण किया। कलेक्टर श्री सिंह ने ग्राम राहुली में मनरेगा के तहत 43 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन तालाब का जायजा लिया । साथ ही तालब पर काम कर रहे श्रमिकों से चर्चा भी की। उन्होंने इस क्षेत्र के अन्य ग्राम पंचायतों में भी प्रमुखता के साथ जल संरचनाऐं बनाने के लिए कहा। 

श्री सिंह ने निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत बनाई जा रही सभी जल संरचनाओं में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाये जिससे वर्षा की एक-एक बूंद सहेजी जा सके। उन्होंने इस अवसर पर यह भी निर्देश दिए कि आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर ग्रामीण अंचल में अभी से पेयजल की उपलब्धता के लिए पर्याप्त इंतजाम किये जायें। बंद नल-जल योजनाओं को अभियान बतौर चालू करायें साथ ही हैंडपंपों का संधारण भी तेजी से किया जाए। जनपद पंचायत मुरार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी भ्रमण के दौरान कलेक्टर के साथ थे। भ्रमण के दौरान कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह संगीत सम्राट तानसेन की साधना एवं जन्म स्थली बेहट भी पहुंचे। 

इस दौरान उन्होंने तानसेन की साधना स्थली के सौंदर्यकरण के लिए कराये जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि तानसेन साधना स्थली पर हर महीने संगीत सभाओं के आयोजन की व्यवस्था करें। यहां पर नाइट सफारी की संभावनाऐं तलासने के लिए भी उन्होंने कहा । साथ ही झिलमिल नदी के किनारे स्थित पहाड़ियों पर 8 से 10 किलोमीटर का ट्रेकिंग रूट चिन्हित करने के लिए भी कहा जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिले। कलेक्टर ने झिलमिल नदी के किनारे स्थित तानसेन की साधना स्थली की सभी चीजों को व्यवस्थित करने पर भी विशेष जोर दिया।