अब DCGI की मंजूरी का इंतजार...

एक्सपर्ट कमेटी ने भारत में दो वैक्सीन को दिखाई हरी झंडी

2021 में भारत को कोरोना की वैक्सीन मिलने जा रही है. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के पास भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की कोरोना वैक्सीन को अनुमति देने की सिफारिश की है. अब उम्मीद की जा रही है कि डीसीजीआई इन दोनों वैक्सीन को इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन दे देगी. सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने भारत बायोटेक और ऑक्सफोर्ड और एस्ट्रेजनेका की वैक्सीन, जिसका निर्माण और क्लीनिकल ट्रायल सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है, उसकी कोरोना वैक्सीन पर अपनी सिफारिश दी. इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन की अनुमति देने की सिफारिश की गई है. सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के बाद फैसला डीसीजीआई यानी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को करना है. 

साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने ऑक्सफोर्ड और एस्ट्रेजनेका के वैक्सीन के इमरजेंसी रिस्ट्रिक्टेड यूज के लिए अपनी सहमति दी थी. वहीं दूसरे दिन दो जनवरी को भारत में भारत बायोटेक द्वारा बनाई जा रही वैक्सीन को भी इमरजेंसी रिस्ट्रिक्टेड यूज की अनुमति देने की सिफारिश कर दी. यानी भारत को कोरोना के खिलाफ दो वैक्सीन मिलने की पूरी संभावना है. बस डीसीजीआई की इसपर अनुमति बाकी है. डीसीजीआई के आला अधिकारियों के मुताबिक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया जब किसी दवा या ड्रग को अनुमति देते है तो उस कंपनी को CT23 यानी अनुमति मिलती है. इसके मिलने के बाद दवा कंपनी की जिस राज्य में फैक्ट्री होती है वहां स्टेट ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी से जाकर ड्रग एंडोर्समेंट की मांग करती है. 

इसके बाद वो दवा या वैक्सीन रोल आउट होती है. इस प्रक्रिया में जानकारों के मुताबिक 4 से 5 दिन लग सकते है. भारत में कुल तीन वैक्सीन कंपनियों ने इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन के लिए अनुमति मांगी थी. ये फाइजर, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया हैं. इसके लिए कई बार सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की बैठक हुई. सबसे पहली बैठक 9 दिसंबर को हुई थी इसके बाद 17 दिसंबर, 30 दिसंबर, 1 और 2 जनवरी 2021 बैठक हुई. बैठक में इन कंपनियों के ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल का डाटा का रिव्यू किया गया. साथ ही रोलिंग रिव्यू डाटा भी मांगा गया था. अब सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश के आधार पर डीसीजीआई अपना फैसला लेगी. उम्मीद की जा रही है कि इन दोनों वैक्सीन के इमरजेंसी रिस्ट्रिक्टेड यूज़ की अनुमति डीसीजआई से मिल जाएगी और भारत में भी जल्दी कोरोना की वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगी.