अंत तक किराये में वृद्धि नहीं की गई तो...

प्रदेश में एक बार फिर थम सकते हैं बसों के पहिये !

भोपाल। बस संचालको ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत को पत्र लिखकर मांग की है कि 50 प्रतिशत किराया बढ़ाया जावे अन्यथा मजबूरन बस व्यवसायियों को आंदोलन का रुख अपनाना पड़ेगा और बसों के पहियों को रोकने के विवश होना पड़ेगा। 

किराये वृद्धि को लेकर प्रमुख सचिव, परिवहन तथा आयुक्त परिवहन से भी मांग की गई हैं और जनवरी अंत तक किराये में वृद्धि नहीं की गई तो उग्र आंदोलन करने के बाध्य होना पड़ेगा। कोरोना काल के बाद से ही बस व्यसायियो की आर्थिक स्थिति विकराल रूप ले चुकी हैं। प्रतिदिन पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों ने अधिक समस्या पैदा कर दी है। वर्तमान समय में एक रुपये किलोमीटर के मान से बसों का चल रहा है और अब बस संचालक डेढ़ रुपये प्रति किलोमीटर करना चाहते है।

सरकार 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाना चाहती हैं और आम आदमी की जेब पर अधिक भार नहीं पड़े। पिछले 33 महीने से बस का किराया नहीं बढ़ाया है। कोरोना के कारण 33 प्रतिशत यात्री ही बसों से आना जाना कर रहे हैं, और बस संचालकों को 5000 रुपये का प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ रहा है।