आजादी के बाद पहली बार टूटेगी ये परंपरा...

इस बार 1 फरवरी को पेपरलैस बजट पेश करेगी मोदी सरकार

बजट 2021 का बिगुल बच चुका है लेकिन इस बार सालों से चली आ रही परंपरा टूटेगी. मोदी सरकार 1 फरवरी को बजट 2021 पेश करेगी जो कि पूरी तरह से पेपरलैस होगा. जानकारी के मुताबिक, इस बार सेंट्रल बजट के कॉपीज को प्रिंट नहीं कराए जाएगा. जबकि अब तक हर साल बजट की प्रतियां को प्रिंट कराया जाता था. लेकिन इस बार ये परंपरा टूट जाएगी. सूत्रों की मानें तो इस बार सेंट्रल बजट का कोई दस्तावेज फिजिकल फॉर्म यानी प्रिंट नहीं होगा. बता दें कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब बजट पूरी तरह पेपरलैस होगा. हर साल जब भी सेंट्रल बजट की पेपर प्रिंट होते हैं तो करीब 100 कर्मचारी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं. ये लोग बजट दस्तावेजों के प्रिंट होने, सील होने और डिलीवर किए जाने के करीब 15 दिन तक एक जगह ही रहते हैं. 

इस दौरान इन्हें न बाहर जाने और न ही किसी से बात करने की इजाजत होती है. मालूम हो कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी ये साफ कह चुकी हैं कि इस बार का वजट ऐसा होगा जैसा 100 साल में कभी नहीं रहा होगा.सरकार के इस कदम के पीछे कोविड-19 के लगातार बढ़ रहे मामले हैं. कोरोना महामारी के कारण ही सरकार ने इस बार यूनियन बजट को पेपरलैस तरीके से पेश करने का फैसला लिया है. जानकारी मिली है कि लोक सभा और राज्य सभा सचिवालय ने इस बार कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए सांसदों से अनुरोध किया है कि वो बजट डॉक्यूमेंट्स की सॉफ्टकॉपी का ही इस्तेमाल करें. 

सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मकसद से पेपरलैस बजट पेश करने का निर्णय लिया है. बजट को लेकर एक अधिकारी ने बताया है कि इस बार यूनियन बजट और इकोनॉमिक सर्वे के दस्तावेज प्रिंट नहीं होंगे. संसद के सभी सदस्यों को सॉफ्ट कॉपी बांटी जाएंगी.  1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. बजट से ठीक तीन दिन पहले यानी 29 जनवरी को संसद का बजट सत्र शुरू होगा जो 8 अप्रैल तक चलेगा. यह दो हिस्सों चरणों में होगा. पहला चरण 29 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जबकि इसका दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक होगा. 16 फरवरी से 7 मार्च तक ब्रेक रहेगा. महामारी कोरोना के चलते इस बार संसद का शीतकालीन सत्र भी नहीं बुलाया गया था.