किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में…

बाबा राम सिंह ने खुदको गोली मारकर की खुदकुशी

कृषि सुधार संबंधी कानूनों के विरोध में राजधानी दिल्ली और इसके आसपास आकर प्रदर्शन करने वाले हजारों किसानों का बुधवार को 21वां दिन है. प्रदर्शनकारी किसान आंदोलन कर तीनों नए कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं. इस बीच, बुधवार को एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई. कथित तौर पर किसान आंदोलन के समर्थन में संत बाबा रामसिंह ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली है. इधर, संतराम की खुदकुशी के मामले में सोनीपत पुलिस ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी किया है. पुलिस ने बताया कि करनाल के गांव सिंगरा के गुरुद्वारा संचालक की खुदकुशी मामले में मामले की जांच की जा रही है. 

करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है. करनाल के पास नानकसर गुरुद्वारा साहिब से रामसिंह थे. राम सिंह ने दिल्ली-हरियाणा स्थित सिंघु बॉर्डर पर खुद को गोली मारी है. राम सिंह ने सुसाइड नोट में कथित तौर पर लिखा- “किसानों का दुख देखा, अपने हक लेने के लिए सड़कों पर रुल रहे हैं. दिल बहुत दुखी हुआ,  सरकार न्याय नहीं दे रही,  जुल्म है,  जुल्म करना पाप है,  जुल्म  सहना भी पाप है.  किसी ने किसानों के हक में और जुल्म के खिलाफ  कुछ किया किसी ने कुछ किया.  कईयों ने सम्मान वापस किए, पुरस्कार वापस करके रोष जताया... यह जुल्म के खिलाफ आवाज है और मजदूर किसान के हक में आवाज है.” 

गौरतलब है कि सितंबर में संसद की तरफ से पास तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों की संख्या में पंजाब और हरियाणा से किसान दिल्ली के पास आकर प्रदर्शन कर रहे हैं और इन तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. किसानों का यह आरोप है कि इस कानून से उनकी आय में कमी हो जाएगी और ज्यादातर नियंत्रण बड़े उद्योगपतियों के हाथों में चला जाएगा. इसको लेकर किसानों और सरकार के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है. लेकिन, किसानों की तरफ से तीनों कानून वापसी लेकर अड़ियल रूख अपनाने के बाद यह गतिरोध बना हुआ है. इससे पहले, दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर धरना देकर ट्रैक्टर पर सवार होकर पटियाला लौट रहे पंजाब के दो किसानों की हरियाणा के करनाल जिले में एक ट्रक की चपेट में आने से मंगलवार की सुबह मौत हो गई. पुलिस ने बताया था कि तरौरी फ्लाईओवर पर हुई इस घटना में एक अन्य किसान को भी गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ और लोगों को मामूली चोटें लगी हैं.