समाज व धर्म के हित में कार्य करें…

रविवार को श्रीकृष्णायन गोशाला में हुआ कोरोना निवारण यज्ञ का शुभारंभ

रानीघाटी गोशाला पर श्रीकृष्णायन देशी गोरक्षाशाला के गुरूदेव द्वारा कोरोना निवारण यज्ञ का रविवार से शुभारंभ किया गया। इस यज्ञ में सवा करोड़ महामृत्युंजय मंत्रों की आहूतियां दी जाएंगी। यज्ञशाला में ब्रम्हचारी आहूतियां देंगे। प्रथम दिन कलश पूजन हुआ साथ ही गुरूदेव ने सत्संग का आयोजन भी किया। एक माह तक  चलने वाले इस महायज्ञ में भागवत, श्रीरामकथा के साथ योग, साधना, एवं ध्यान शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। 

सत्संग को संबोधित करते हुए गुस्र्देव ने गौशाला का संचालन देख रहे सभी ब्रम्हचारी संतों से कहाकि उनका भरण पोषण आदि सभी जरूरतें समाज के जरिए ही पूरी हो रही हैं। इसलिए उनका दायित्व है कि वह समाज व धर्म के हित में कार्य करें। उन्होंने कहाकि अगर कोई उनका सम्मान नहीं करता है तो वह इस बारे में ध्यान नहीं दें उनका कार्य सभी को धर्म से जोड़कर समाजहित का कार्य करना है। उन्होंने कहाकि ग्रामीण उनके बच्चे समान हैं, अगर कोई बच्चा अपने पालक की गोद में मल-मूत्र कर गंदा कर दे तो उसे बालक को फैंका नहीं जाता है बल्कि बालक को साफ कर उसे फिर से गोद में बिठाया जाता है। 

संतों का कार्य भी यहीं है जो धर्म से भटक गया है उसे धर्म के मार्ग पर लाएं और समाज के हित में कार्य करें। प्रथम दिन सुरेश पाठक ने कलश पूजन किया, कलश पूजन के साथ भगवान रामजानकी का पूजन किया गया। इसके बाद कलश की मंदिर, गौशाला और यज्ञशाला में परिक्रमा की गई। यज्ञ के लिए आत्मानंद महाराज के नेतृत्व में स्वामी कमलानंद, स्वामी ऋषभदेवानन्द, स्वामी अमृतानंद महाराज ने तैयारियां पूरी कराई। जबकि यज्ञशाला के अंदर का दायित्व स्वामी पुष्करानंद जी को सौंपा गया है। 

इस यज्ञ में सवा करोड़ महामृत्युजंय मंत्रांे का जाप होगा, साथ ही इतनी ही आहूतियां दी जाएंगी। इन आहूतियों के लिए सैकड़ों देशी गाय का बिलौना घी हरिद्वार, ऋृषिकेश, व गौरस से मंगाया गया है।  यज्ञ के दौरान सुबह 7 बजे से 9 बजे तक योग, साधना का शिविर लगेगा। वहीं दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक भागवत कथा का आयोजन होगा। इस दौरान सन्दीप शर्मा, महिपाल जी, विक्रम रावत, शिवकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।