“युग पुरुष भारत रत्न अटल”

कवि भारतीय संस्कृति के रक्षक कुशल समाज सेवक समाज रक्षक और जन प्रिय प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जी की 95वी जयंती के अवसर पर सादर शब्दांजलि

शब्दों के वे जादूगर, सर्वप्रिय वाजपेयी अटल।

वाणी थी ओजस्वी, ‘औ’ व्यक्तित्व सरल ।

कवि हृदय का जादू जन-मन के मानस पर।

सादगी की मूरत थे, इस धरती के अवतार।

ग्वालियर की धरा को किया पुण्य पावन ।

सम्मान विभूषित हुआ आपको भारत रत्न । 

आज़ादी के परवाने हे युगपुरुष अभिनंदन।

थे सपूत इस राष्ट्र के, जिसकी माटी चंदन ।

पुरोधा राजनीति के,

प्रधानमंत्री पद किया सुशोभित ।

विश्व पटल पर हिंदी भाषण,

भारत का सीना गर्वित ।

अर्पित करते आज आपको,श्रद्धा का यह हार ।

ओ देश के लाल, आना भारत भू पर बारंबार ।

डॉ. दीप्ति गौड़ 'दीप'

ग्वालियर ,मध्यप्रदेश

शिक्षाविद एवं साहित्यकार

सर्वांगीण दक्षता हेतु भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति महामहिम स्व.डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्मृति स्वर्ण पदक से सम्मानित

विशिष्ट प्रतिभा सम्पन्न शिक्षक के रूप में राज्यपाल अवार्ड से सम्मानित