ढिलाई बरती तो लगेगा जुर्माना...

प्रदेश में नहीं लगेगा लॉकडाउन : CM शिवराज

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक बुलाकर कोरोना की स्थिति के संदर्भ में सुझाव प्राप्त किए जाएं। प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए। इस मामले में ढिलाई बरतने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति को गत आठ माह में नियंत्रित रखते हुए सर्वोत्तम प्रबंधन किए गए और प्रदेशवासियों ने भी सहयोग देते हुए जागरूकता का परिचय दिया, राज्य सरकार जागरूकता प्रयासों को निरंतर जारी रखेगी। अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो और कोरोना भी नियंत्रित रहे, इस संतुलन को बनाए रखा जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल कमाण्ड सेंटर सक्रिय रहें और आइसोलेशन के रोगियों की समुचित देखरेख भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल और इंदौर में कल अपेक्षाकृत अधिक संख्या में आए पॉजीटिव प्रकरणों से चितिंत होकर प्रदेश में कोरोना के संबंध में आज मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता के प्रयास निरंतर हों। 

आमजन को संदेश पहुंचाने के लिए कलेक्टर्स अभिनव प्रयास भी कर सकते हैं। उद्घोषणा द्वारा लोगों को शिक्षित करने का कार्य भी किया जाए और परिवारों के स्तर पर यह प्रयास हों कि बुजुर्ग लोग घरों से अधिक बाहर न निकलें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जागरूकता प्रयासों में एनजीओ भी सहयोग करें। विवाह समारोह और सांस्कृतिक गतिविधियां सीमित संख्या की भागीदारी में हों और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में गृह मंत्री डॉण् नरोत्तम मिश्रा और स्वास्थ्य मंत्री डॉण् प्रभुराम चौधरी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन नगरों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आएंगे वहां रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया जा सकता है। छोटे कंटेनमेंट क्षेत्र बनाकर गंभीर स्थिति वाले क्षेत्रों में एहतियात बढ़ाई जा सकती है। आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही करने वाले ट्रांसपोर्ट को भी नहीं रोका जाएगा। अर्थव्यवस्था की गति को कायम रखते हुए सिर्फ इसलिए सावधानी के प्रयास बढ़ाए जा रहे हैं ताकि कोरोना का प्रसार न हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि औद्योगिक संगठनों की गतिविधियां भी यथावत रहें। श्रमिकों के आने.जाने पर कोई रोक नहीं होगी। 

शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत कक्षा एक से आठ की कक्षाएं आगामी आदेश तक नहीं लगेंगी। महाविद्यालय भी अभी बंद रहेंगे। कक्षा नौ से बारह के विद्यार्थी एवं कॉलेज के विद्यार्थी विभागों द्वारा जारी दिशा.निर्देशों के अनुरूप मार्गदर्शन के लिये स्कूलध्कॉलेज आकर शिक्षण व्यवस्था का लाभ ले सकेंगे। सिनेमाघर अभी पूर्व व्यवस्था के अनुसार 50 प्रतिशत दर्शक संख्या के साथ संचालित हो सकते हैं। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉण् संजय गोयल, सचिव मुख्यमंत्री एमण्सेलवेन्द्रन, संचालक जनसंपर्क आशुतोष प्रताप सिंह उपस्थित थे। यहाँ ग्वालियर कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना, पुलिस महानिरीक्षक अविनाश शर्मा, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर आशीष तिवारी, जेएएच के अधीक्षक आर एस धाकड़ एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉण् मनीष शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कोविड.19 की रोकथाम के संबंध में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय -

प्रदेश में कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष किसी भी जिले, शहर, क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जायेगा।

अन्तर्राज्यीय एवं अन्तरजिला परिवहन सतत एवं निर्बाध रूप से चल सकेगा।

अधिक संक्रमण के जिलों इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम एवं विदिशा में 21 नवम्बर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10 बजे से प्रातरू 6 बजे तक दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे तथा नागरिक अति आवश्यक होने पर ही इस अवधि में आवागमन कर सकेंगे।

औद्योगिक मजदूरों के आवागमन एवं ट्रकों के परिवहन पर कोई रोक नहीं रहेगी।

कक्षा 1 से 8वीं तक के समस्त स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र.छात्राएं तथा कॉलेज के छात्र.छात्राएँ विभागों द्वारा जारी दिशा.निर्देशों के अनुरूप गाइडेंस के लिए स्कूलध्कॉलेज आ सकेंगे।

फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेसेस में समस्त नागरिक करें इसका सख्ती से पालन कराया जायेगा।

प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवम्बर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवम्बर तक समस्त जिला कलेक्टर विवाहध्सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति की अधिकतम सीमा क्या तय की जाए और जिले में कौन.कौन से कन्टेनमेंट जोन बनाए जाएंगे का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजेंगे।