सिंभु और टिकरी बाॅर्डर के बाद अब…

किसानों ने गाज़ीपुर बाॅर्डर पर भी डाला डेरा

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान अभी भी हरियाणा दिल्ली सीमा पर डटे हुए हैं। इस बीच कल गृह मंत्र अमित शाह ने किसानों को बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। गृह मंत्री के इस प्रस्ताव पर आज सुबह 11 बजे किसान संगठनों की बैठक होने जा रही है। इस बैठक के बाद ही तय होगा कि किसान सिंघु एवं टिकरी बॉर्डर पर डटे रहेंगे या फिर बुराड़ी में धरना प्रदर्शन स्थल की ओर आगे बढ़ेंगे। वहीं गाजियाबाद बॉर्डर पर डटे भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने बुराड़ी जाने से साफ इंकार कर दिया है। बता दें कि कल किसानों को प्रस्ताव देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अगर किसान चाहते हैं कि भारत सरकार उनसे जल्दी बात करे तो उन्हें आंदोलन के लिए निर्धारित जगह पर जाना होगा। 

जैसे ही किसान सिंधु और टिकरी बॉर्डर से हटेंगेए उसके दूसरे ही दिन भारत सरकार उनसे बातचीत के लिए तैयार रहेगी। गृह मंत्री के जवाब में किसान नेता जगजीत सिंह और शिवकुमार कक्का ने कहा है कि हम सरकार के साथ बातचीत करने को तैयार हैंए लेकिन शर्त नहीं होनी चाहिए। किसान नेताओं का कहना है कि हमें इस बात का दुख है कि अमित शाह ने कंडीशन लगाई है कि पहले आपको एक जो जगह दी गई है वहां जाना चाहिए। उसके बाद बातचीत होगी। यह ठीक नहीं है। किसान नेताओं ने कहा कि बातचीत से ही समस्या का समाधान निकलता है। 

यह हम मानते हैंए लेकिन अमित शाह ने जो भी कहा है उस पर कल बैठक होगी। हम विचार करेंगे कि हमें आगे क्या करना है। हरियाणा दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसान अब यूपी बॉर्डर पर नया मोर्चा खोलने के लिए तैयार दिख रहे हैं। गाजियाबाद दिल्ली बॉर्डर पर किसान धीरे धीरे जुट रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे आज दिल्ली की ओर कूच करेंगे और संसद या फिर जंतरमंतर पर धरना देंगे। किसानों के अनुसार उन्हें सरकार का प्रस्ताव किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। किसानों ने धरने के लिए सरकार द्वारा निर्देशित बुराड़ी मैदान जाने से भी मना कर दिया है। भारतीय किसान यूनियन ने अमित शाह की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि गृह मंत्री ने सशर्त जल्दी मिलने की बात कही है जो कि ठीक नहीं है। 

बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी प्रदर्शन कर रहे किसानों से शनिवार को अपील की थी कि वे गृह मंत्री अमित शाह की बात मान लेंए और बताई गई जगह पर जाकर प्रदर्शन करें। हालांकि दूसरी ओर कुछ किसान संगठन लगातार कह रहे हैं कि वे बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे और उन्हें जंतर.मंतर पर प्रदर्शन करने की इजाजत दी जाए। किसानों का कहना है कि वे राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके में तब तक बैठेंगे जब तक जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाती। बता दें कि किसान पूरी तैयारी के साथ आए हैं और अपने साथ ट्रॉलियों में लकड़ियांए दूधएसब्जियांए सिलिंडर व अन्य सामान लेकर चल रहे हैं।