कलेक्टर ने जयारोग्य चिकित्सालय व मुरार अस्पताल का किया निरीक्षण…

कोरोना की एंटी बॉडी टेस्ट के लिये 66 वार्डों में चलेगा अभियान

ग्वालियर। कोविड.19 के संक्रमण की रोकथाम के साथ.साथ शहर के सभी 66 वार्डों में कोरोना एंटी बॉडी टेस्ट भी कराए जायेंगे। 10 हजार लोगों का एंटी बॉडी टेस्ट कराया जायेगा। इसके लिये 35 दल गठित किए जाकर प्रत्येक वार्ड में टेस्ट के लिये नमूने लिए जायेंगे। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बुधवार को जयारोग्य चिकित्सालय एवं जिला अस्पताल मुरार में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए यह बात बताई।

निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर आशीष तिवारी, अधीक्षक जयारोग्य चिकित्सालय डॉण् आर एस धाकड़, सीएमएचओ डॉण् अनिल शर्मा, सिविल सर्जन डॉण् डी के शर्मा उपस्थित थे। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निरीक्षण के दौरान कहा है कि कोरोना के लिये एंटी बॉडी टेस्ट का अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये शहर के सभी वार्डों में गठित दलों के माध्यम से सेम्पलिंग का कार्य किया जायेगा। सेम्पलिंग के माध्यम से देखा जायेगा कि कोरोना की एंटी बॉडी कितने लोगों में निर्मित हुई है। उन्होंने सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन को एंटी बॉडी टेस्ट के लिये 35 दल गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह दल अपने.अपने निर्धारित वार्डों में जाकर लोगों के नमूने एकत्र करेगी। इन नमूनों के माध्यम से एंटी बॉडी की जांच की जायेगी। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अधीक्षक जयारोग्य चिकित्सालय डॉण् धाकड़ को निर्देशित किया कि सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में अग्नि दुर्घटना से जो नुकसान हुआ है उसे पुनरू व्यवस्थित करने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के लिये सुपर स्पेशिलिटी की सभी व्यवस्थाओं को चाक.चौबंद किया जाए। सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल परिसर में हैल्प डेस्क को और बेहतर बनाया जाए। कोई भी संक्रमित व्यक्ति अगर हैल्प डेस्क पर आता है तो उसके उपचार की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी निर्देश दिए हैं कि आगामी दिनों में कोरोना संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए शासकीय अस्पतालों के साथ.साथ निजी अस्पतालों में भी कोरोना उपचार की जो व्यवस्थायें पूर्व में की गई थीं। उनका आंकलन और तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि आवश्यकता पड़ने पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मुरार जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर में निर्मित की गई हैल्प डेस्क की व्यवस्थाओं को देखकर सिविल सर्जन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि हैल्प डेस्क को बेहतर बनाया जाए। हैल्प डेस्क पर आने वाले मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। 

हैल्प डेस्क पर प्रारंभिक उपचार की व्यवस्था हो यह भी सुनिश्चित किया जाये। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया है कि हैल्प डेस्क पर कम्प्यूटराइज्ड पूरी सूची तैयार की जाए, जिसमें आने वाले संक्रमित व्यक्ति का नाम, उसकी कांट्रेक्ट हिस्ट्री तथा उसको किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसका सम्पूर्ण रिकॉर्ड होना चाहिए। 

इसके साथ ही हैल्प डेस्क के लिये एक कॉन्टेक्ट नम्बर भी जारी किया जाए, जिसका व्यापक प्रचार.प्रसार हो, ताकि कोरोना से संबंधित किसी भी व्यक्ति को कोई समस्या हो तो तत्काल उसे सहायता मिल सके। कलेक्टर श्री सिंह ने मुरार अस्पताल में संचालित किए जा रहे फीवर क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। फीवर क्लीनिक की व्यवस्थाओं को भी और बेहतर करने के दिशा.निर्देश दिए। फीवर क्लीनिक का संचालन भी अस्पताल परिसर में जिस स्थान पर कोरोना के टेस्ट किए जा रहे हैं उसके आस.पास करने के निर्देश दिए। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने खरीदी केन्द्र बड़ागांव पहुँचकर खरीदी कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खरीदी केन्द्र पर किसानों के लिये पर्याप्त व्यवस्थायें न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खरीदी केन्द्र पर आने वाले किसानों के लिये छाया, पानी के साथ.साथ अन्य जो व्यवस्थाओं के दिशा.निर्देश दिए गए हैं उसका पालन सुनिश्चित किया जाए। खरीदी केन्द्र पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होए यह सुनिश्चित हो। 

कलेक्टर श्री सिंह ने वेयर हाउस बड़ागांव पर की जा रही खरीदी के संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की। खरीदी केन्द्र प्रभारी ने बताया कि खरीदी केन्द्र पर 550 किसान पंजीकृत हैंए जिनसे ज्वार एवं बाजरा क्रय किया जा रहा है। अब तक 20 हजार क्विंटल ज्वार एवं 1700 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है। बाजरा 2620 रूपए एवं ज्वार 2150 रूपए प्रति क्विंटल के मान से क्रय की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंजीकृत सभी किसानों को एसएमएस के माध्यम से खाद्यान्न बेचने हेतु आग्रह किया गया है।