विधायकों के लिए बंद रहते थे कमलनाथ के दरवाजे…

वादाखिलाफी करने वाले पूरे प्रदेश के गद्दार है : सिंधिया

ग्वालियर। जिस सरकार में जमकर भ्रष्टाचार हुआ, विकास के काम नहीं हुए। विधायक-मंत्री विकास की योजनाएं लेकर जाते तो कमलनाथ जी अपने दरवाजे बंद कर लेते थे। अब सरकार जाने पर पूछ रहे हैं कि मेरा क्या कसूर था। जो मुख्यमंत्री ग्वालियर-चंबल के साथ वादाखिलाफी करे और विकास की योजनाओं पर ध्यान नहीं दे, वह पूरे मध्य प्रदेश का गद्दार है। जिस ग्वालियर-चंबल अंचल में 34 सीटों में से 26 सीटें कांग्रेस को देकर सरकार बनवाई, उनके जनप्रतिनिधियों की ही सुनवाई नहीं हुई। यह कहना है राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का। श्री सिंधिया शनिवार को ग्वालियर पूर्व विधानसभा सीट के रामकृष्ण मंडल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। श्री सिंधिया ने कहा कि 15 महीने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही और मुख्यममंत्री कमलनाथ रहे, लेकिन न तो गरीबों को पट्टा मिला और न ही विकास का काम हुआ। 

यही नहीं न तो भ्रष्टाचार रुका और केवल जनता के साथ वादाखिलाफी हर मामले में हुई। वल्लभ भवन भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया। जो व्यक्ति ग्वालियर-चंबल के साथ वादाखिलाफी करे, वो पूरे मध्य प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता का गद्दार है। अब मैं भाजपा के परिवार का हिस्सा हूं और उस कार्यकर्ता के साथ हूं, जो पार्टी की नींव है। कार्यकर्ता के लिए मतदान केन्द्र एक किले के समान है और इसकी रक्षा करनी है। इन बूथों की रक्षा करते हुए पूरे प्रदेश में 28 सीटों पर कांग्रेस का सूपड़ा साफ करते हुए उनके नेताओं को घर बिठाना है। उन्होंने कहा कि मप्र में पहली बार ग्वालियर-चंबल अंचल से कांग्रेस को 34 में से 26 सीटें मिलीं, लेकिन जनादेश का सम्मान मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस पार्टी ने नहीं किया। 

मुन्नालाल गोयल यहां के विधायक थे, वे जब भी सड़क, बिजली पानी की समस्या लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के पासे जाते तो उनके दरवाजे बंद मिलते। इसलिए अब ग्वालियर-चंबल की जनता को कमलनाथ और कांग्रेस के लिए दरवाजे बंद करने हैं। अब श्री गोयल को जिताकर सभी लोग केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया को जिताने का काम करेंगे। ग्वालियर पूर्व के प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के विकास के लिए मुझे जनप्रतिनिधि चुना। 

बिजली, पानी सड़क की बदहाली को लेकर कई बार मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिला, लेकिन एक काम भी 15 महीने में नहीं हुआ। इससे मेरा नहीं, बल्कि मेरी जनता का हुआ। इसलिए श्री सिंधिया जी के नेतृत्व में हम 22 विधायकों को कांग्रेस का साथ छोड़ना पड़ा। रामकृष्ण मंडल में आयोजित इस कार्यकर्ता सम्मेलन में पूरा कार्यक्रम सोशल डिस्टेंस के साथ हुआ। रामकृष्ण मंडल में कुल 148 मतदान केन्द्र हैं और यहां पर इतनी ही संख्या में टेबल लगाई गई थीं। बूथ लेबल के हर टेबल पर पांच-पांच कार्यकर्ता उपस्थित थे। श्री सिंधिया हर टेबल पर जाकर कार्यकर्ताओं से मिले और इस रणनीति की सराहना की।