जिले के 374 समूहों को मिली 3 करोड़ 87 लाख की आर्थिक सहायता…

महिलाएँ खुद सशक्त बनें और बेटियों को आगे बढ़ाएँ : इमरती देवी 

ग्वालियर। महिलाएँ सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खुद आर्थिक रूप से सशक्त बनें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। जब महिलाएँ आर्थिक गतिविधियों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेंगी तभी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। इस आशय के विचार महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने व्यक्त किए। इमरती देवी गरीब कल्याण पखवाड़ा के तहत स्व सहायता समूहों को आर्थिक सहायता वितरित करने के लिए आयोजित हुए कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को संबोधित कर रहीं थीं। इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं को प्रतीक स्वरूप कैश क्रेडिट लिमिट के रूप में आर्थिक सहायता के चैक सौंपे। 

कुल मिलाकर आज जिले के 374 स्व-सहायता समूहों के खातों में कैश क्रेडिट लिमिट के रूप में 3 करोड़ 87 लाख रुपए की राशि विभिन्न बैंकों के माध्यम से पहुँचाई गई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित इन समूहों से जिले की 3 हजार 740 ग्रामीण महिलाएँ जुड़ीं हैं। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में आयोजित हुए स्व-सहायता समूहों के राज्यव्यापी कार्यक्रम के साथ ग्वालियर जिले में मुख्य कार्यक्रम डबरा के कम्युनिटी हॉल में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। साथ ही यहाँ ग्वालियर स्थित बाल भवन में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में खास तौर पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं ने सहभागिता की। 

महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने डबरा के कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चे की पहली गुरू माँ होती है। इसलिए महिलाएँ अपनी बेटियों को सशक्त  बनाएँ। बालिकाओं की झिझक दूर कर उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। प्रदेश सरकार भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी शिद्दत के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा सरकार ने महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ पंचायतराज संस्थाओं और नगरीय निकायों में पर्याप्त आरक्षण दिया है।