किसी भी सरकार ने बाल्मीकि समाज की तरक्की के लिए कुछ भी नहीं किया...

वाल्मीकि समाज को नजरअंदाज ना करे सरकार : कटारे

वाल्मीकि महापंचायत संगठन मध्य प्रदेश के प्रांतीय संयोजक रामसेवक कटारे और और रोहित छात्रों ने संयुक्त रुप से गुरुवार को चर्चा करते हुए प्रेस वार्ता दौरान प्रेस के माध्यम से सरकार के सामने  बाल्मीकि समाज की कुछ मांगे रखते हुए कहा कि की बाल्मीकि समाज की स्थिति दिनोंदिन बद से बदतर होती जा रही है लेकिन कई सरकारें आई और गई लेकिन किसी भी सरकार ने  बाल्मीकि समाज की तरक्की व स्वाभिमान के लिए कुछ भी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी हो सभी ने वाल्मीकि समाज को सामाजिक दृष्टि से राजनीतिक दृष्टि से और आर्थिक दृष्टि से अनदेखा किया है उसकी उपेक्षा की जाती रही है। 

उन्होंने सरकार से पत्रकारों के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि समाज के उत्थान वह तरक्की के लिए देश में दोहरी शिक्षा नीति और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोका जाए , समान शिक्षा व सिलेबस पूरे देश में लागू किया जाए जिससे कि सभी को एक समान शिक्षा प्राप्त हो सके और भेदभाव समाप्त हो सके। सफाई कामगारों के हित में श्री छात्रे ने कहा की ठेकेदारी प्रथा समाप्त होनी चाहिए। समाज की उन्नति और तरक्की के लिए राजनीतिक क्षेत्र में भी समाज को प्रतिनिधित्व का मौका मिलना चाहिए चुनावों के दौरान उनके लिए भी सीटें आरक्षित करना अति आवश्यक है जिससे कि बाल्मीकि समाज के हक की आवाज नगर परिषद, विधानसभा और लोकसभा में भी उठाई जा सके। 

उन्होंने कुछ मांगे रखते हुए कहा कि आरक्षित सीटों पर बाल्मीकि समाज को उपचुनाव वे चुनावों में टिकट दिया जाए। सफाई कामगारों के लिए ठेकेदारी प्रथा समाप्त हो। बाल्मीकि समाज को अलग से 5% आरक्षण देते हुए विशेष जाति का दर्जा दिया जाए। आउटसोर्स कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए 1 से 5 तारीख तक उन्हें वेतन मिल जाना चाहिए।पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों की समय पर पदोन्नति वह क्रमोन्नति की जाए। इसी प्रकार की तमाम मांगे मध्यप्रदेश शासन से मीडिया के माध्यम से रखी गई। वार्ता के दौरान ओम प्रकाश पवार, सीताराम पारछे, गोपाल चौधरी, पृथ्वीराज चौहान ,विसंभर गौर,मनोज चौधरी,राजेश खरे,मनोहर चौधरी, शुभम धौरे, रजत करोसिया, नानू, रामपाल घेघट, पुष्पा मोरे आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।