10 दिन में मांगा स्पष्टीकरण…

कलेक्टर काे मिला राष्ट्रीय बाल अधिकार आयाेग का नाेटिस

शहर के एक गैर सरकारी संगठन ज्योति महिला स्वास्थ्य कल्याण समिति को फाेस्टर केयर ग्रुप चलाने की अनुमति देने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टर को नोटिस जारी कर 10 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई जिला बाल कल्याण समिति की ओर से की गई शिकायत के बाद की गई है।

दरअसल, जिले की बाल कल्याण समिति ने ज्याेति महिला स्वास्थ्य कल्याण समिति का फोस्टर केयर ग्रुप के लिए किया गया आवेदन गत 20 अगस्त को निरस्त कर दिया था। समिति की नजर में यह संस्था अनाथ बच्चों के लिए फोस्टर केयर चलाने की पात्रता नहीं रखती है। बाल कल्याण समिति के फैसले के खिलाफ संस्था ने कलेक्टर न्यायालय में आवेदन कर दिया, लेकिन अाराेप है कि संस्था और बाल संरक्षण अधिकारी ने इस तथ्य को छुपाया कि बाल कल्याण समिति पहले ही उन्हें अपात्र मानकर आवेदन खारिज कर चुकी है।

संस्था ने कलेक्टर काे बताया कि जिला बाल कल्याण समिति उनके आवेदन पर कोई विचार नहीं कर रही है इसलिए वे इसमें निर्णय ले। जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष केके दीक्षित का आराेप है कि कलेक्टर ने मामले में बाल कल्याण समिति का पक्ष जानने की कोशिश नहीं की और एकतरफा कार्रवाई करते हुए एनजीओ फोस्टर केयर ग्रुप चलाने की अनुमति दे दी। इसके बाद हमने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में शिकायत की। कलेक्टर को दस दिन में देना होगा जवाब। 

कलेक्टर ने बाल कल्याण समिति का पक्ष जाने बगैर एक प्राइवेट संस्था को फोस्टर केयर ग्रुप चलाने की अनुमति दे दी है, जो कि बिल्कुल गलत है। इस कारण राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इस मामले की शिकायत की गई है। आयोग ने कलेक्टर को नोटिस दे दिया है और उसकी एक प्रति हमें भी मिली है। कलेक्टर को अगले 10 दिन में बताना होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। - डाॅ. केके दीक्षित, अध्यक्ष, जिला बाल कल्याण समिति ग्वालियर