शिवराज कैबिनेट के अहम निर्णय…

मध्यप्रदेश में अब फ्री होगा कोरोना का टेस्ट

मध्य प्रदेश में कोरोना टेस्ट निशुल्क होंगे। मंगलवार को हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक ये महत्वपूर्ण फैसला किया गया। सरकार ने तय किया है कि कोरोना के जितने भी टेस्ट होंगे, वह फ्री होंगे। भले ही इसके लिए फीवर क्लीनिक की संख्या बढ़ानी पड़े। इसके लिए किसी को कोई फीस नहीं देनी होगी। कैबिनेट ने तय किया है कि अब जबकि देश पूरी तरह से अनलॉक हो गया है और कोरोना तेजी से फैल रहा है, लेकिन लोग सावधानियां नहीं बरत रहे हैं। इसलिए कोरोना से बचाव के लिए सरकार प्रचार-प्रसार करेगी। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में 1700 ऑक्सीजन बेड और 564 से अधिक आईसीयू के बेड बढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की संख्या अब बढ़कर 11 हजार 700 और आईसीयू की बेड संख्या 2388 हो जाएगी। प्रदेश के अस्पतालों में जो बेड बढ़ाए जाएंगे, उसमें जबलपुर और ग्वालियर को भी चिन्हित किया गया है। आम सहमति से बेड बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हमारे पास 30 हजार जनरल बेड हमारे पास हैं, इसलिए आपाधापी की बात नहीं है। 

कैबिनेट में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत भोपाल के 11 मिल बायपास पर अब टोल वसूलने का काम मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एमपीआरडीसी) खुद करेगी। हैदराबाद की एजेंसी ट्रांस ट्रॉय को रोड की मेंटेनेंस और टोल वसूलने का ठेका दिया गया था, लेकिन कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं और शिकायतों के बावजूद भी कोई सुधार नहीं हो रहा था। इस पर कंपनी को हटाने का निर्णय लिया गया है। एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर एसकेए जैदी ने बताया कि ट्रांस ट्रॉय कंपनी टोल वसूलने के बाद सरकार के पास कलेक्शन जमा नहीं कर रहा थी। इसकी और भी तमाम शिकायतें मिली थीं। कैबिनेट के निर्णयों के बारे में ब्रीफिंग करते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा एमपीआरडीसी को पीडब्ल्यूडी बोलते रहे। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी अब भोपाल बायपास के मार्गों में टोल की वसूली करेगा। जबकि सच्चाई ये है कि टोल के सभी काम एमपीआरडीसी ही संचालित करता है। एक महत्वपूर्ण निर्णय में सरकार ने लोक सेवा गारंटी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। तय समय सीमा के अंदर काम नहीं होता है तो पोर्टल द्वारा अपने आप उसकी स्वीकृति दे दी जाएगी। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

एमपी ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा। इसका अध्यादेश लाया जाएगा और इसे विधानसभा में पेश कर कानून का रूप दिया जाएगा। मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010′ नागरिकों को निर्धारित समय के भीतर बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं के प्रदान की गारंटी देता है। इसके बावजूद भी लोगों के काम नहीं हो पाते हैं और सीएम हेल्पलाइन में लगातार इस बात की शिकायतें मिलती हैं कि लोकसेवा गारंटी में जाति प्रमाणपत्र बनाने का आवेदन दिया था, लेकिन वह तय समय सीमा नहीं बना है। इन सेवाओं को समय पर नहीं करने पर प्रति दिन 250 रुपये से लेकर अधिकतम 5000 रुपये तक की जुर्माना लगाया जाता है। अधिनियम में जाति, जन्म, विवाह और अधिवास प्रमाण पत्र जारी करना, पीने के पानी के कनेक्शन, राशन कार्ड, भू-अभिलेखों आदि के साथ ही 30 विभागों की 302 सार्वजनिक सेवाओं को अधिसूचित किया गया है। नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि 'गरीब की थाली, न रहे खाली' दीनदयाल रसोई योजना, जिसके अब तक राज्य के 51 शहरों में 56 केंद्र संचालित थे, गरीबों को पौष्टिक भोजन देने के लिए दीनदयाल रसोई के 44 नए केंद्र और बढ़ाए जाएंगे। 

इसमें धार्मिक स्थलों को शामिल किया जाएगा। अब ऐसे 100 रसोई केंद्र राज्य में स्थापित किए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी खाद्य एवं आपूर्ति और नगरीय प्रशासन विभाग को दी गई है। इन केंद्रों में 10 रुपए में पौष्टिक और भरपेट भोजन गरीबों को मिल सकेगा। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के पैकेज टू के तहत अब प्रवासी मजदूरों को रेंटल मकान दिया जाएगा। जो लोग घर नहीं खरीद सकते हैं, वह अफोर्डेबल घरों में किराया देकर रह सकेंगे। गृहमंत्री ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर योजना में एमपी के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। इसमें अगर 100 लोगों को फायदा मिला है तो उसमें 80 वेंडर एमपी के हैं। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी जी कल एक साथ सभी एक लाख वेंडर्स के खाते में एक साथ 10 हजार रुपए ट्रांसफर करेंगे। इस योजना में अब तक 8 लाख वेंडर्स अब तक रजिस्टर्ड हो चुके हैं। ये भी तय किया गया है कि प्रदेश के 37 लाख गरीबों को पात्रता पर्ची का वितरण एक साथ किया जाएगा। 12 सितंबर को पीएम आवास योजना योजना में 68 हजार लोगों को गृह प्रवेश कराएंगे।