7 सितंबर तक बढ़ी बीमा योजना की अवधि…

CM की अपील पर बाढ़ प्रभावित किसानों को केंद्र से राहत



भोपाल। मध्य प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित किसानों को मोदी सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के पत्र लिखने के बाद केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पैसा जमा कराने की अवधि 7 सितंबर तक बढ़ा दी है. केंद्र सरकार के फैसले से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित पांच जिले रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, देवास और हरदा जिले के किसानों को खासा लाभ पहुंचेगा. ये किसान अगस्त के अंतिम दिनों में आई भीषण बाढ़ के कारण बीमा कवर नहीं ले सके थे. 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के पत्र लिखने के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने भी केंद्र सरकार से आग्रह किया था. उन्होंने लिखा था कि  कृषकों के बीमांकन के लिए 31 अगस्त अंतिम तारीख थी. इस दौरान 28 अगस्त से दक्षिणी हिस्से के 15 जिले बाढ़ से घिर गए और किसान फसल बीमा नहीं ले सके. मंत्री कमल पटेल ने अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, हरदा, होशंगाबाद, देवास, रायसेन, सीहोर, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी और अलीराजपुर में फसल बीमा योजना 7 सितंबर तक लागू करने की मांग की है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि जो भी किसान इस योजना में शामिल नहीं है, उसे भी जोड़ा जाए. 

आपको बता दें कि  खराब मौसम और खेती के लिए कर्ज से राहत के लिए 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई थी. इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिए 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिए 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है. वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए किसानों को 5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है. गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मध्य प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों द्वारा प्रीमियम जमा करने की अंतिम तारीख को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया था.