काेराेना के खाैफ के बीच...

छह महीने बाद खुले गिने-चुने स्कूल

कोरोना वायरस के खाैफ के कारण करीब छह महीने से बंद निजी और सरकारी स्कूल सोमवार काे 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए खुले, लेकिन इनमें पढ़ने के लिए बहुत कम बच्चे पहुंचे। काेराेना के डर की वजह से ज्यादातर निजी स्कूल बंद रहे। जबकि सरकारी स्कूलाें में कुछ छात्र-छात्राएं पहुंचीं। कुछ स्कूलाें में छात्र-छात्राओं का गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग कर शरीर का तापमान नापा गया। हाथ सेनिटाइज कराए गए।

जबकि कुछ निजी स्कूलों में बच्चों के जूताें से लेकर बैग तक सेनिटाइज कराया गया। सभी स्कूलों में पालकों के सहमति-पत्र जमा कराने के बाद ही बच्चों को प्रवेश दिया गया। साेमवार काे जिले का काेई भी केंद्रीय विद्यालय नहीं खुला। केवी-1 के प्राचार्य जीके द्विवेदी के मुताबिक, अभी केंद्रीय विद्यालय संगठन से स्कूल खोलने के अंतरिम आदेश नहीं आया है।

सेंट्रल एकेडमी, आदित्यपुरम : यहां कक्षा 9 से 12वीं के करीब 600 छात्र पढ़ते हैं, लेकिन सिर्फ 50 पालकों ने सहमति-पत्र जमा किया था। ये बच्चे सुबह 7:30 बजे स्कूल पहुंचे। एक घंटे शंका समाधान कक्षा में रहे। इसके बाद उनकी छुट्टी कर दी गई। यहां बच्चों के हाथ, बैग अाैर जूते सेनिटाइज कराए गए। यहां पालकों के साथ पहुंचे बच्चे, नहीं लगी कक्षा। 

सेंट पॉल, मुरार: यहां बच्चों के साथ पालक पहुंचे। स्कूल के गेट पर हाथ सेनिटाइज कराने के साथ उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी। पालकों ने पहले फीस जमा कराने के लिए फार्म लिया। उन्हाेंने पूछा कि बच्चों की शंका समाधान कक्षा कितने बजे लगेंगी। 11 बच्चे कक्षा में बैठे, बाकी पूछकर चले गए। 

उत्कृष्ट विद्यालय, मुरार : यहां कक्षाएं सेनिटाइज कराईं गईं। पहले दिन ज्यादातर बच्चे स्कूल में कक्षा की जानकारी लेने के लिए पहुंचे। सिर्फ 11 बच्चे कक्षा में शरीक हुए। प्राचार्य जेपी मौर्य का कहना था कि इस कक्षा में वही छात्र शामिल होंगे, जिन्हें किसी तरह की दिक्कत है। कक्षा में बच्चों को हर दिन दो घंटे के लिए अलग-अलग समय में आने की जानकारी दी जाएगी। कक्षा सेनिटाइज कराईं, दो पाली में कक्षाएं लगेंगी। 

पदमा विद्यालय, कंपू: यहां कक्षाएं सेनिटाइज कराईं गईं। पहले दिन महज 8 छात्राएं पहुंची। प्राचार्य अशोक श्रीवास्तव ने बताया, दो पालियों में शंका समाधान कक्षा लगाई जाएंगी। छात्राओं को पालकों का सहमति-पत्र जमा कराने के लिए कहा है। कक्षा 9 से 10वीं की कक्षा दोपहर 12 से 2.30 बजे और 11वीं व 12 वीं की कक्षा 2:30 बजे से 5 बजे तक लगेगी। इस कक्षा में तो अपने आप हो गई सोशल डिस्टेंसिंग। 

उमावि गजराराजा, खासगी बाजार: यहां कक्षा में सिर्फ चार छात्राएं बैठीं। इस कारण सोशल डिस्टेंसिंग का अच्छी तरह से पालन हुआ। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने न इनके हाथ सेनिटाइज कराए और न तापमान नापा। कक्षा नौवीं की छात्रा चेतना ने टीचर से पूछा कि उसके पास स्मार्ट फोन न होने के कारण वह ऑनलाइन क्लास नहीं ले पा रही है इसलिए यहां आई है।