टंडन हाॅल में हुई कार्यपरिषद की बैठक में हुए निर्णय…

अब डाॅ. केशव सिंह गुर्जर होंगे जेयू के नए डीसीडीसी

जीवाजी विष्वविद्यालय के टंडन हाॅल में शनिवार को कार्यपरिषद की बैठक हुई। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में रेक्टर प्रो डीडी अग्रवाल, प्रभारी कुलसचिव डाॅ. आईके मंसूरी सहित, कार्यपरिषद सदस्य प्रो. अविनाष तिवारी, प्रो. एसके शुक्ला, प्रो. नीरज जैन, डाॅ. दयाराम, उच्च षिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डाॅ. एमआर कौषल, अनूप अग्रवाल, डाॅ. मुनेंद्र सोलंकी, वीरेंद्र सिंह गुर्जर मौजूद रहे। 

मीटिंग मंे सर्वप्रथम षिक्षक दिवस के अवसर पर  मीटिंग में जीवाजी विष्वविद्यालय के डीसीडीसी पद पर पर डाॅ. केषव सिंह गुर्जर को नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा कहा गया कि  फिक्स्ड असिट के संबंध में  विष्वविद्यालय द्वारा  विभागवार एक टाइम टेबल निर्धारित कर उक्त कार्य उक्त समय सीमा में पूरा कराया जाए अन्यथा अनुषासनात्मक कार्रवाई करने की बात हुई। 

ये हुए निर्णय -

मीटिंग में कहा गया कि  महाविद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रकरण के संबंध में एक माह के भीतर कार्रवाई पूरी कर ली जाए अन्यथा 20 प्रतिषत सीटें स्वतः कम कर दी जाएं। इसके साथ ही विवि की अकादमिक फ्लाइंग स्क्वायड द्वारा समय- समय पर अषासकीय महाविद्यालयों के निरीक्षण की भी बात कही गई।

विवि के ऐसे रिटायर हुुए षिक्षक, जिन्हें फिर से सेवा में लिया गया है, उनके स्वमूल्यांकन की रिपोर्ट अब प्रतिवर्ष के की जगह 6 माह में कार्यपरिषद में प्रस्तुत करने का निर्णय हुआ। 

जीवाजी विवि के विभागों/ अध्ययनषालाओं में कार्यरत विभागाध्यक्षों को प्रदान की जाने वाली इंप्रेस्ट मनी में अब तीन हजार की गई। 

जेयू में संचालित एंबुलेंस को हेल्थ सेंटर के अधीन करने का निर्णय हुआ। 

जेयू के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा के संबंध में समिति गठित की गई।

विवि में लिफ्ट संबंधी प्रकरण को मान्य किया गया। इस संबंध में सबसे पहले इंजीनियरिंग विभाग और मल्टी आर्ट में सबसे पहले कार्य कराया जाएगा।

मेजर डाॅ. आषा माथुर द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत कर निवेदन किया गया था कि उनके स्वर्गीय पति डाॅ. आर माथुर के नाम से एमएससी जूलाॅजी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र- छात्राओं को स्वर्ण पदक संस्थित किया जाए। इसे मान्य कर लिया गया। 

शारीरिक षिक्षा अध्ययनषाला में पीयू फ्लोरिंग के कराए गए कार्य की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

कोरोना महामारी के कारण सत्र 2020- 22 के पाठ्यक्रम निर्धारण हेतु अध्ययनमंडलों एवं पाठ्यक्रम समितियों की समस्त बैठकें वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग  के माध्यम से वर्चुअल प्लेटफाॅर्म पर उपस्थित विषय विषेषज्ञ को एक हजार रूपये मानदेय देने का निर्णय हुआ। 

अकादमिक ब्लाॅक में बीकाॅम आॅनर्स, एमकाॅम पाठ्यक्रम की कक्षाओं एवं अन्य पाठ्यक्रमों हेतु फर्नीचर आदि लगवाए जाने हेतु प्रषासनिक  स्वीकृति प्रदान की गई।

क्रय नियम 49 के अनुसार वर्तमान में कार्यरत चार्टड अकाउंटेंट ए. विजयवर्गीय एंड कंपनी के कार्यों की सराहना माननीय कार्य परिषद सदस्य द्वारा की गई व धन्यवाद ज्ञापित किया गया।