निजी अस्पतालों में भी होगा फ्री इलाज…

अब गैर आयुष्मान कोरोना मरीजों का खर्च भी उठाएगी एमपी सरकार

जो कोरोना मरीज आयुष्मान योजना में पंजीकृत नहीं हैं और राज्य सरकार से अनुबंधित किसी कोविड केयर अस्पताल में भर्ती हैं, उनके लिए राहत भरी खबर है। अब ऐसे मरीजों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार देगी। इसके लिए इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने और इलाज के खर्च की पूरी जानकारी एक तय फॉर्मेट में भरकर अस्पताल प्रबंधन को देनी होगी। यह फॉर्मेट अस्पताल ही उन्हें उपलब्ध कराएगा। प्रबंधन को मरीज के इलाज का बिल स्वास्थ्य विभाग के टीएमएस पोर्टल पर अपलोड करना होगा। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था कोविड मरीजों के इलाज के लिए अनुबंधित अस्पतालों की बिलिंग व्यवस्था में सुधार करने के लिए शुरू की है।

निजी अस्पतालों में भी इलाज फ्री होगा -

स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि अनुबंधित निजी कोविड अस्पतालों में आयुष्मान में पंजीकृत और गैर पंजीकृत कोरोना मरीजों का नि:शुल्क उपचार होगा।

यहां भर्ती मरीज, स्वेच्छा से आंशिक, इलाज खर्च का एक हिस्सा अथवा इलाज के पूरे बिल का पेमेंट कर सकेंगे। प्रबंधन इसकी रसीद उन्हें देगा। साथ ही इसे पोर्टल पर अपलोड भी करेगा। अस्पताल संचालक मरीज पर पेमेंट के लिए किसी तरह का दबाव नहीं बना सकेंगे।

सरकार ने यह व्यवस्था प्राइवेट अनुबंधित कोविड हॉस्पिटल्स में मरीजों के इलाज खर्च के बिलों के ऑडिट के लिए दी है।

भोपाल में... 220 नए मरीज, खाद्य तेल कारोबारी समेत पांच ने दम तोड़ा

राजधानी में कोरोना के 220 नए मरीज मिले हैं। 5 मरीजों की माैत हो गई। इनमें तीन मरीज दूसरे जिलों के हैं। मृतकों में बैरागढ़ के खाद्य तेल कारोबारी 50 वर्षीय मूलचंद दासवानी भी शामिल हैं। वे चिरायु में भर्ती थे। उन्हें उनकी बेटी कृति ने मुखाग्नि दी, क्योंकि वह भाई-बहनों में सबसे बड़ी है।

एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 1694 संक्रमित मिले। यह लगातार चौथा दिन है जब 1600 से ज्यादा केस मिले। 24166 सैंपल जांचे गए, इससे संक्रमण दर भी बढ़कर 7 फीसदी पर पहुंच गई है। अब 51 जिलों में 200 से ज्यादा पॉजिटिव केस हो चुके हैं। केवल उमरिया में 156 ही पॉजिटिव हैं।