श्री तोमर ने महाविद्यालयों का किया शिलान्यास…

महाविद्यालयों से सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड के विकास में तेजी आएगी : केन्द्रीय मंत्री

 

केन्द्रीय कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायतराज एवं खाद्य संस्करण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि है  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व एवं मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश की सरकारों के प्रयासों से बुन्देलखंड विकास को गति दी गई है। दतिया के (नौनेर) में बनने जा रहे पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान एवं  मत्स्यकीय महाविद्यालयों से सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड के विकास में तेजी आएगी। यह संस्थान क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर दतिया के (नौनेर) में बनने जा रहे पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान तथा मत्स्यकीय महाविद्यालयों के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने जा रहा ये संस्थान रानी लक्ष्मी केन्द्रीय कृषि महाविद्यालय झांसी से संबद्ध होंगे। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि विधायी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने की। कार्यक्रम में भिण्ड़-दतिया लोकसभा क्षेत्र की सांसद संध्या राय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिर्देशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पंजाब सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति अरविन्द कुमार, कलेक्टर संजय कुमार एवं कृषि विश्वविद्यालय झांसी के वैज्ञानिकगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यह क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है कि दतिया जिले के नौनेर में केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा इस बड़े संस्थानों की सौगात दी गई है।

 

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं दतिया के विद्यायक डाॅ. नरोत्तम मिश्र के अथक प्रयासों एवं मेहनत का ही परिणाम है कि आज एक साथ इन महाविद्यालयों की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड क्षेत्र विकास के मामले में काफी पिछड़ रहा था लेकिन अब इन महाविद्यालयों के शुरू होने से बुन्देलखंड के साथ आस-पास के जिले के नौजवानों को रोजागर के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कृषकों की मेहनत एवं वैज्ञानिकों की शोध के कारण खाद्यान के क्षेत्र में देश आत्म निर्भर बना है। श्री तोमर ने यह भी कहा कि बुन्देलखंड शौर्य एवं वीरता की कहानियों से भरा पड़ा है, जो हमें आगे बढ़ने एवं क्षेत्र के विकास के लिए प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन के क्षेत्र में अदरक, हल्दी, फूलों की खेती  में बुन्देलखंड का विशेष योगदान रहा है। 

साथ ही कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकारें मिलकर बुन्देलखंड को जैविक खेती एवं आईसीआईआर के बीजों का उपयोग कर अधिक उत्पादन को बढ़ावा देंगी। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर ने कहा कि कृषकों की अथक मेहनत एवं वैज्ञानिकों के अनुसंधान का ही परिणाम है कि खाद्यान के क्षेत्र में हम आत्म निर्भर ही नहीं है बल्कि अतिरिक्त उत्पादन भी ले रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वह अपने अनुसंधान के माध्यम से ऐसे प्रयास करें कि भारत अन्य क्षेत्रों में अग्रणी हो सके। उन्होंने कहा कि नौनेर में शुरू होने वाले महाविद्यालय में जो छात्र-छात्रायें प्रवेश लेंगे उनके अनुसंधान का लाभ बुन्देलखंड को मिलेगा।

 महाविद्यालयों के शुरू होने से दतिया क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा - डॉ. मिश्र

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश  मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि दतिया के लिए आज जो सौगात मिली है इसे दिलाने में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का बहुत बड़ा योगदान है। यह केन्द्र ग्वालियर एवं चंबल संभाग का एक मात्र केन्द्र है। इन महाविद्यालयों के शुरू होने से दतिया सहित आसपास के जिलों को लाभ मिलेगा। डॉ. मिश्र ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के हित एवं कल्याण के लिए बिल पारित कर कर  बहुत बड़ा कार्य किया है। अब किसान अपनी मर्जी के अनुसान अपनी उपज को मंडी एवं मार्केट में बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि इन महाविद्यालयों में होने वाले नए-नए प्रयोगों से कृषि, पशु पालन, मत्स्य के क्षेत्र में अंचल की दिशा एवं दशा भी बदलेगी। 

कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिर्देशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय शुरू होने से बुन्देलखंड क्षेत्र में पशु पालन एवं मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा। जिससे क्षेत्र के किसानों की आय दोगुनी होगी। कार्यक्रम को कुलाधिपति डॉ पंजाब सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय पूर्ण होने पर उच्च स्तर पर शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान मिलेगा। इसका लाभ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्स्थान को मिलेगा। कलेक्टर संजय कुमार ने कहा कि दतिया जिले के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। जहां 350 करोड़ रूपये की लागत के महाविद्यालयों की सौगात प्राप्त हुई है। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. अरविन्द कुमार ने बताया कि 350 करोड़ रूपये की लागत का यह महाविद्यालय 187 एकड़ में बनेगा। जिसका कार्य डेढ़ वर्ष के अंदर पूर्ण होगा।