संभाग आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश...

क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्म्त का कार्य प्राथमिकता से कराएँ : ओझा 



ग्वालियर । संभाग आयुक्‍त श्री एम बी ओझा ने विभागीय योजनाओं एवं विकास तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित सड़क निर्माण एजेन्सियों एवं संभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्वालियर संभाग में क्षतिग्रस्त सड़कों पर गढ्ढे भराव एवं मरम्मत के कार्य प्राथमिकता के साथ कराए जाएँ। 

संभाग आयुक्त श्री एम बी ओझा ने उक्त आशय के निर्देश सोमवार को संभाग आयुक्त कार्यालय में शासन के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारियों एवं सड़क निर्माण एजेन्सियों को दिए गए। बैठक में उपायुक्त राजस्व श्री आर पी भारती, संयुक्त आयुक्त विकास श्री रामकुमार शर्मा सहित संभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

संभाग आयुक्त श्री ओझा ने संभाग के सभी जिलों में सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसी सड़कें जो वर्षा एवं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त होने के साथ गढ्ढे हो गए हैं उन सड़कों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं एवं प्रोजेक्टों के तहत सड़कों के साथ निर्माणाधीन भवनों के निर्माण कार्य में गति लाएँ और ऐसे प्रयास किए जाएं कि पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य समय-सीमा में हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा अगले सोमवार को की जायेगी। अत: संबंधित अधिकारी पूर्ण अद्यतन जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित रहें। 

श्री ओझा ने कहा ‍िक कोरोना काल में पंजीकृत प्रवासी श्रमिकों को प्रदान किए रोजगार की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रवासी श्रमिकों को कौशल एवं अनुभव के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त ने संभाग में बाढ़ एवं अतिवर्षा से प्रभावित हुई फसलों एवं नुकसान की समीक्षा कर आंकलन कराने के निर्देश दिए। 

संभाग आयुक्त ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत शामिल 25 श्रेणियों के नवीन सत्यापित एवं वर्तमान में शामिल हितग्राहियों में से छूटे सदस्यों को 3 सितम्बर 2020 को वितरित की जाने वाली पात्रता पर्ची वितरण की भी समीक्षा की। श्री ओझा ने बैठक में फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित फसलों के बीमा की आज अंतिम तिथि होने पर किसानों द्वारा कराए गए फसलों के बीमा की भी समीक्षा की। फसल बीमा योजना के तहत संभाग में एक लाख 50 हजार से अधिक किसानों द्वारा बीमा कराया गया।