ब्रॉडगेज ट्रैक बनाने से पहले ट्रेन बंद करने की जल्दी…
114 साल पुराना नैराेगेज ट्रैक हटाने रेलवे ने जारी किए टेंडर
ग्वालियर-श्योपुर के बीच सिंधिया रियासत काल में शुरू हुई 114 साल पुरानी नैरोगेज ट्रेन का संचालन जल्द बंद हाे सकता है। रेलवे ने बानमोर गांव से सबलगढ़ के बीच नैरोगेज ट्रेन के ट्रैक को हटाने के लिए निविदाएं मंगाई हैं। ऑनलाइन निविदा 25 अगस्त तक जमा होंगी। दो माह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिस कंपनी को ठेका मिलेगा वह ट्रैक डिस्मेंटल करने के सा सुमावली से सबलगढ़ के बीच अर्थवर्क का काम शुरू करेगा। 

टेंडर करीब 249 करोड़ रुपए का जारी किया गया है। हालांकि रेलवे अफसरों ने ट्रैक डिसमेंटल करने के लिए निविदा जारी करने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सुमावली से सबलगढ़ के बीच माइनर ब्रिज बनाए जाने हैं। दरअसल, जहां पर अभी नैरोगेज ट्रैक नहीं है और खाली जगह पर बड़ी लाइन डाली जानी वह, उस काम को पूरा किए बिना पटरी उखाड़ने का काम शुरू करने की जल्दीबाजी दिखाने के कारण यह ट्रेन बंद हो जाएगी। 

इससे ग्वालियर से श्योपुर के बीच जो यात्री नैरोगेज ट्रेन से यात्रा करते हैं उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। गेज परिवर्तन के काम में चार साल लग सकते हैं, क्योंकि अभी मुरैना और श्योपुर जिले में जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हो सका है। रेलवे अफसरों का तर्क है कि नैरोगेज ट्रैक उखाड़ने के बाद ही गेज परिवर्तन का काम हो सकेगा।