इस दिन महादेव ने पार्वती जी को सुनाई थी अपने मिलन की कथा...
हरियाली तीज आज

आज हरियाली तीज का पर्व है. हरियाली तीज सावन के महीने का सबसे पवित्र पर्व है. शिव जी को पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी. शिव पुराण में इस कथा वर्णन मिलता है. हरियाली तीज के दिन भगवान शिव ने पार्वती से मिलने की कथा सुनाई थी.

पंचांग के मुताबिक तृतीया तिथि का आरंभ 22 जुलाई को शाम 7 बजकर 22 मिनट से हो चुका है. लेकिन पूजा और व्रत का संकल्प 23 जुलाई को ही लिया जाएगा. 23 जुलाई को सुबह स्नान करने के बाद पूजन आरंभ करें. इस दिन साफ मिट्टी से भगवान शिव, मां पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति बनाकर पूजा करें. थाली में सुहाग की सामग्रियों को सजा कर माता पार्वती को अर्पित करें. भगवान शिव को वस्त्र और प्रिय चीजों का भोग लगाएं. इसके बाद तीज की कथा सुनें. पूजा समापन से पहले शिव चालीसा और शिव आरती का पाठ करें.

भगवान शिव कल्याण के प्रतीक हैं. शिव का एक अर्थ कल्याण भी होता है. भगवान शिव सृष्टि का कल्याण करने वाले देवों के देव हैं. हरियाली तीज का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती सहित संपूर्ण शिव परिवार की पूजा अर्चना की जाती है. स्त्रियां हरियाली तीज के पर्व का पूरे साल इंतजार करती हैं. हरियाली तीज का पर्व स्त्रियों का प्रमुख त्योहार है. इस दिन स्त्रियां सोलह श्रृंगार करती हैं और भगवान शिव की पूजा करती हैं.

मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से मनचाहे वर की मनोकामना पूर्ण होती हैं वहीं इस दिन व्रत रखने स दांपत्य जीवन में सुख शांति बनी रहती है. हरियाली तीज पर विधि पूर्वक पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख समृद्धि आती है. जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है. रोग आदि भी दूर होते हैं. यह व्रत महिलाओं के आत्मविश्वास में भी वृद्धि करने वाला माना गया है.