गैंगस्टर का सरेंडर या गिरफ्तारी !
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विकास दुबे की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उत्तरप्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की उज्जैन में गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए गुरुवार को कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए। कमलनाथ ने ट्वीट के जरिए कहा 'यूपी के कानपुर के कुख्यात गैंगस्टर, 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे के उज्जैन में महाकाल मंदिर में ख़ुद ''सरेंडर'' करने की घटना की उच्चस्तरीय जांच होना चाहिये। 

इसमें किसी बड़ी सियासी साज़िश की बू आ रही है। इतने बड़े इनामी अपराधी के, जिसको पुलिस रात- दिन खोज रही है, उसका कानपुर से सुरक्षित मध्यप्रदेश के उज्जैन तक आना और महाकाल मंदिर में प्रवेश करना और ख़ुद चिल्ला- चिल्लाकर ख़ुद को गिरफ़्तार करवाना, कई संदेह को जन्म दे रहा है। किसी संरक्षण की ओर इशारा कर रहा है। इसकी जांच होना चाहिये।' 



कमलनाथ ने लिखा है 'हमने हमारी सरकार में माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ सतत बड़ा अभियान चलाया, जिसके कारण माफिया प्रदेश छोड़कर चले गये और अब भाजपा सरकार आते ही माफिया वापस प्रदेश लौटने लगे हैं। प्रदेश माफियाओं की सुरक्षित शरणस्थली बनता जा रहा है।' पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इस मामले में सवाल उठाते हुए ट्वीट किए हैं।

 उन्होंने कहा कि जिस तरह से विकास का 'सरेंडर' हुआ, यह राजनैतिक संरक्षण के बगैर संभव नहीं है। वहीं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी यहां मीडिया से कहा कि इस संपूर्ण मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में आठ पुलिस कर्मचारियों की हत्या के बाद कुख्यात आरोपी मध्यप्रदेश के उज्जैन तक कैसे पहुंचा और उसे किसने संरक्षण दिया, इसके खुलासे के लिए सीबीआई जांच की आवश्यकता है।