वीडियो कॉलिंग से जाना कोरोना संक्रमित का हालचाल…
कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर देखने पहुँचे मुख्यमंत्री

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्वालियर प्रवास के दौरान  मोतीमहल स्थित एकीकृत कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर देखने भी पहुँचे। अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों से सुसज्जित स्मार्ट सिटी योजना की इस महत्वपूर्ण इकाई का उपयोग वर्तमान में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम और आपदा प्रबंधन कंट्रोल सेंटर के रूप में हो रहा है। इसका निर्माण लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत से हुआ है। मुख्यमंत्री ने कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर की क्रियाविधि समझी। साथ ही यहाँ से वीडियो कॉलिंग के जरिए कोरोना संक्रमित मरीज मनोरमा बाथम से चर्चा कर उनका हालचाल जाना । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मनोरमा से कहा कि आप जल्द ही स्वस्थ होकर अपने बच्चे व परिजनों के साथ घुल-मिलकर रह सकेंगी। मुख्यमंत्री से अपनत्व पाकर मनोरमा की खुशी देखते ही बन रही थी। फिर क्या उन्होंने बेझिझक अपने स्थानांतरण की माँग मुख्यमंत्री के सामने रख दी।

बाबा कपूर के पास किलागेट निवासी राकेश बाथम की धर्मपत्नी मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी में ग्वालियर जिले से बाहर पदस्थ हैं और ग्वालियर तबादला चाहती हैं। मनोरमा बाथम की कोरोना जाँच रिपोर्ट 4 जुलाई को पॉजिटिव आई थी। बच्चे छोटे होने के कारण उन्हें होम आइसोलेशन की सुविधा मुहैया कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के काम करने के तरीकों को विस्तार से समझा। उन्होंने खासतौर पर कंट्रोल सेंटर में प्राप्त शिकायतों के निराकरण, लॉकडाउन हटने के बाद मॉनीटरिंग व्यवस्था एवं संक्रमित मरीजों का फॉलोअप इत्यादि के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं स्मार्ट सिटी की सीईओ जयति सिंह ने कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर की क्रियाविधि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।  कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के माध्यम से जिले के बॉर्डर की निगरानी भी की जाती है। लॉकडाउन हटने के बाद नाकों पर हो रही स्क्रीनिंग एवं बाहर से आए लोगों पर निगरानी इस सेंटर के जरिए रखी जा रही है। 

साथ ही यह भी पता लगाया जाता है कि किन मरीजों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया एवं मेडीकल स्टोर से दवाएं ली। इस नियंत्रण कक्ष से सहायता प्राप्त करने के लिए 24X7 हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किये गये हैं। इन नम्बरों पर हर दिन नागरिक कोरोना से सम्बंधित ज़रूरी जानकारी, सूचना और सहायता के लिये संपर्क करते हैं। कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों का वर्गीकरण किया जाता है। उन शिकायतों का निराकरण सबसे पहले किया जाता है जो लोगों के जीवन से संबंधित है। कंट्रोल रूम में अब तक 30 हजार शिकायतें व माँग दर्ज हो चुकी हैं। अधिकारी द्वय ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि स्मार्ट सिटी के कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर में विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस को लेकर किये जा रहे अपडेट और गाईडलाईन के अनुसार लाईव माँनिटिरिंग कर ग्वालियर जिले में कोरोना के प्रभाव को रोकने का सफल प्रयोग किया गया है।