टक्कर होने पर ला सकते हैं बड़ी तबाही...
अंतरिक्ष से आ रहीं तीन मुसीबतें, आज होगा सामना

अंतरिक्ष से तीन अनचाहे मेहमान धरती की ओर आ रहे हैं. ये तीनों आज धरती के काफी करीब से निकलेंगे. पूरी दुनिया की वैज्ञानिक बिरादरी इन तीनों मुसीबतों पर नजर रख रही है. ताकि इनकी दिशा में जरा सा भी परिवर्तन हो तो चेतावनी जारी की जा सके. वैसे तो ये मेहमान एस्ट्रॉयड या उल्कापिंड के नाम से जाने जाते हैं. लेकिन जब ये धरती की ओर बढ़ते हैं तो खतरनाक साबित हो सकते हैं. टक्कर होने पर ये बड़ी तबाही भी ला सकते हैं. आज यानी 24 जुलाई को धरती की ओर अंतरिक्ष से आ रहे पहले उल्कापिंड का नाम है एस्ट्रॉयड 2020 एनडी (Asteroid 2020 ND). इसकी गति 13.5 किलोमीटर प्रति सेकंड है. यह 170 मीटर लंबा है. यह धरती से करीब 50.86 लाख किलोमीटर की दूरी से निकलेगा. 

हालांकि अंतरिक्ष में इस दूरी को ज्यादा नहीं माना जाता. क्योंकि ये दूरियां एक पल में कम हो सकती हैं. आमतौर पर मंगल और गुरु ग्रह की कक्षा के बीच में ऐसे उल्कापिंड बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, लेकिन इनमें पृथ्वी के पास से गुजरने वाले उल्कापिंडों की संख्या कम होती है. ऐसे में पृथ्वी के नजदीक इन क्षुद्रग्रहों के आने से खतरा बढ़ जाता है. ऐसे उल्कापिंडों के खगोल विज्ञानी इन्हें पोटेंशियली हैजड्रस यानी संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रह (PHAs) कहते हैं. ये वो पैमाना है, जिसमें अंतरिक्ष वैज्ञानिक उन तत्वों में शामिल करते हैं जो पृथ्वी के निकट आने वाले खतरों के रूप में मापे जाते हैं. अगर Asteroid 2020 ND सीधे धरती से टकराता है तो ये करीब आधी दुनिया को खत्म कर सकता है.

हालांकि, अनुमान है कि यह उल्कापिंड धरती के काफी दूर से निकल रहा है इसलिए किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है. Asteroid 2020 ND पृथ्वी की ओर 13.5 किलोमीटर प्रति सेकंड यानी 48,000 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से आ रहा है. इस तरह के पिंड जब पृथ्वी के पास आते हैं तो उन्हें Near Earth Objects - NEO कहा जाता है. दूसरा उल्कापिंड है 2016 DY 30. ये धरती से करीब 34 लाख किलोमीटर दूर से निकलेगा. जबकि, 2020 ME3 धरती से 56 लाख किलोमीटर दूर से निकलेगा. 

सबसे नजदीक से निकलने वाला एस्ट्रॉयड 2016 DY 30 ही है. एस्ट्रॉयड 2016 DY 30 की गति 54 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा है. जबकि, 2020 ME3 की गति 16 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा है. एस्ट्रॉयड 2016 DY 30 की चौड़ाई सिर्फ 15 फीट है. लेकिन यह धरती से टकराएगा तो भारी नुकसान करेगा. दरअसल क्षुद्रग्रह यानी एस्ट्रॉयड या उल्कापिंड मूल रूप से ग्रहों के टुकड़े होते हैं. ये टुकड़े इन ग्रहों के जन्म के समय से बचे हुए हैं. इन ग्रहों में पृथ्वी, बुध, शुक्र और मंगल शामिल हैं. यह टुकड़े अक्सर अंतरिक्ष में घूमते हुए धरती के करीब आ जाते हैं.