कोरोना को लेकर शिवराज सरकार हुई सख्त…
प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया तो होगी कार्यवाई : शिवराज

भोपाल। कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देखते हुए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने प्रदेश के उन जिलों में दो दिन लॉकडाउन लागू करने का ऐलान किया है, जिन जिलों से संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की समीक्षा बैठक मे गांवों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के दिए निर्देश दिये हैं। कोरोना से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए अब राज्य सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देखते हुए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने प्रदेश के उन जिलों में दो दिन लॉकडाउन लागू करने का ऐलान किया है, जिन जिलों से संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे जिलों में दो दिन लॉकडाउन के साथ ही रात्रिकालीन कर्फ्यू भी रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। इन जिलों में कार्यालय और दुकानें, शोरूम 30 से 50 फीसदी स्टाफ के साथ ही संचालित हो सकेंगे। ये फैसला कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से उन अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है, जिन पर जबलपुर में एक शादी समारोह के दौरान कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का आरोप लगा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी साफ कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी मास्क नहीं लगाता है। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करता है या अन्य तरीके से कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज के मंत्री जो नियमों को बनाकर आम आदमी, कर्मचारी, अधिकारियों पर कोरोना प्रोटोकॉल को लागू कर सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई हैं किन्तु सरकार के गृहमंत्री स्वयं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हुए उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। विगत दिनों प्रदेश के गृहमंत्री ने भोपाल की जेल का निरीक्षण किया था और स्वयं मॉस्क नही लगाते हुए साथ में कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे जो मॉस्क नहीं लगाए हुए थे और सोशल डिस्टेंस का पालन भी नहीं कर रहे थे। 

सवाल यह उठता है कि नियम सिर्फ आम आदमी व अधिकारी, कर्मचारियों के लिए ही बनाये जाते हैं और सरकार के मंत्री कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रैलियां आयोजित कर रहे हैं और आमसभा को भी संबोधित कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री अपनी सरकार के मंत्रियों के खिलाफ सबसे पहले कार्यवाही करें। बाद में आम आदमी के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिस किसी भी प्राइवेट दफ्तर या व्यावसायिक संस्थान में कोरोना से संक्रमण का कोई मामला सामने आता है, तो उसे 7 दिन के लिए सील कर दिया जाएगा। 

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने यह जानकारी भी दी कि प्रदेश के 53 गांवों में कोरोना से संक्रमण के मामले थे। संक्रमण वाले गांवों की तादाद अब 17 रह गई है। मुख्यमंत्री ने गांवों को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए, जिससे संक्रमण फैलने से रोका जा सके। गौरतलब है कि लगातार दो दिन संपूर्ण लॉकडाउन लागू रहेगा, यह फैसला तो हो चुका है। एक दिन भी तय है- रविवार का, लेकिन दूसरा दिन शनिवार होगा या सोमवार, इस पर अभी फैसला लिया जाना है। इस संबंध में जिला आपदा प्रबंधन समूह की राय से ही निर्णय होगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।