बाजार के साथ कोरोना फैलने का रास्ता भी खुला…
ग्वालियर में अनलॉक-1 में तेजी से बढ़ा कोरोना

ग्वालियर। अनलॉक वन में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों में अब सर्दी,खांसी,जुकाम व बुखार और शरीर में दर्द के लक्षण मिल रहे हैं। लक्षण वाले मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते एहतियात रखना जरूरी है। जब कोरोना का संक्रमण देश दुनिया में कहर बरपा रहा था। तब हमारे शहर में इसकी रफ्तार बहुत धीमी थी। लोग कोरोना संक्रमित तो मिले पर महज 30 प्रतिशत लोगों में ही लक्षण थे। पर जून माह में मिले 224 मरीजों में करीब 70 प्रतिशत लोगों में किसी न किसी रूप में लक्षण मिले हैं, जिससे तेजी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों का मानना है कि जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं होते वह कम संक्रमण फैलाते हैं। 

लेकिन जिन में खांसी,जुकाम या बुखार जैसी शिकायत होती है वह आसानी से संपर्क में आने वालों में संक्रमण फैला सकते हैं। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई वस्तु पर संक्रमण आ जाता है। यदि इस वस्तु का प्रयोग सामान्य व्यक्ति करता है तो वह भी संक्रमित हो सकता है। अनलॉक वन में बाजार खुल चुका है। बाजार खुलने के साथ ही कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। लोग बिना मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी रखने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आसानी से आ सकते हैं और बाजार से कोरोना का संक्रमण घर तक पहुंच रहा है। सरकार ने आवश्यकता की पूर्ति के लिए बाजार तो खोल दिए। लेकिन सरकार ने स्कूल,कॉलेज सब बंद कर रखे हैं। इसका मतलब है कि लॉकडाउन तो गया पर कोरोना नहीं। 

बाजार खुलने पर लोगों ने यह मान लिया कि कोरोना नहीं है जबकि अब संक्रमित होने का सर्वाधिक डर है । इसलिए एहतियात रखने की अधिक जरूरत है। कम से कम घर से बाहर निकलें, घर से बाहर निकलने पर मास्क,सैनिटाइजर का प्रयोग करें। घर वापसी पर कपड़े धोएं व नहाने के बाद ही परिवार के साथ बैठें। सैंपलिंग की संख्या बढ़ी और लोगों में जागरुकता। इस कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा तेजी से हुआ। लेकिन अब लोगों को सतर्क रहने की अधिक आवश्यकता है। क्योंकि बाजार खुल चुके है लोग अब घरों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में एहतियात रखें मास्क, सैनिटाइजर, शारीरिक दूरी का पालन करें। नहीं तो बाजार से सामान के साथ कोरोना भी घर पहुंच सकता है। - डॉ अशोक मिश्रा, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष पीएसएम विभाग जीआरएमसी