प्रधानमंत्री ने  की कोरोना के हालात को लेकर समीक्षा बैठक…
राज्यों से बात कर इमरजेंसी प्लान करें तैयार : PM मोदी

नई दिल्ली l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस की रोकथाम और उसके बचाव को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, मेडिकल इमरजेंसी के लिए बनाई गई एंपावर्ड कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर वी पाल और आईसीएमआर के डीजी भी मौजूद रहे. इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यवार समीक्षा की. जहां लगातार कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं, उनको लेकर अलग से योजना बनाने को कहा गया है. 

प्रधानमंत्री ने दिल्ली को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए गृह मंत्री अमित शाह को निर्देश दिया कि इमरजेंसी बैठक बुलाकर एलजी अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत एमसीडी के तीनों मेयर और अधिकारियों के साथ चर्चा करें और दिल्ली में कोविड-19 की रोकथाम और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक संयुक्त योजना तैयार की जाए. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कल होने वाली दो महत्वपूर्ण बैठकों की जानकारी दी. 

दरअसल, देश भर में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. खासकर दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिल नाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में स्थिति दिन प्रतिदिन भयावह होती जा रही है. स्वास्थ्य सुविधाओं की भी हालत बुरी है. जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार दोपहर अपने आवास पर एक इमरजेंसी बैठक बुलाई. बैठक में डॉ वी पाल ने विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया. प्रेजेंटेशन में बताया गया कि कुल मामलों में से दो-तिहाई मामले  वाले शहर 5 राज्यों में से हैं. इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं खासकर मरीजों की संभावित संख्या और अस्पतालों में मौजूद बेड और वेंटिलेटर पर चर्चा की गई. 

प्रधानमंत्री ने अस्पताल बेड/आइसोलेशन बेड की शहर और जिलावार आवश्यकताओं पर चर्चा की और निर्देश किया कि राज्यवार इमरजेंसी योजना तैयार की जाए. गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश दिया कि तत्काल सभी तैयारियां पूरी की जाए. पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि गृह मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को एक समन्वित योजना बनाने के लिए भारत सरकार के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगमों के अधिकारियों की उपस्थिति में उपराज्यपाल, एनसीटी दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलानी चाहिए.