योग दिवस : औपचारिकता या आवश्यकता

योग दिवस की शुरुवात आज से 6 वर्ष पूर्व जब हमारे माननीय प्रधानमंत्री  जी ने की थी तब शायद उद्देश्य और ध्येय , अपनी प्राचीन धरोहर और संस्कृति को विश्व में पहचान दिलवाना  रहा होगा। और उनका यह उद्देश्य काफी हद तक पूरा भी हुआ और पूरे  विश्व ने योग को कई मानसिक और शारीरिक व्याधियों से निपटने के लिए अपनी जीवनचर्या में शामिल भी किया। इस कदम से योग क्षेत्र में रोज़गार के अवसर बढ़े और आज यह विषय लगभग हर शैक्षणिक संस्थान का एक हिस्सा बन गया है। पर योग दिवस और प्रतिदिन योगाभ्यास का क्या महत्व है, वो इस कोरोना महामारी के फैलने के बाद पूरे विश्व को और बेहतर ढंग से समझ आ रहा है।

समस्त विश्व में चिकित्सक कोरोना वायरस से बचने के लिए फेफड़ों की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता की मजबूती पर ज़ोर दे रहे हैं, और इसको पाने के लिए योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने की सलाह दे रहे हैं। पूरा विश्व  आज भारत की ओर देख रहा है, और भारत के पद चिन्हों पर चल रहा है । प्राचीन चिकित्सा पध्दतियों का अनुसरण करके कोरोना  से लड़ने की कोशिश भी कर रहा है। और यही कारण है कि सामाजिक दूरी के पालन के साथ भारत में और विदेशों में बसे कई योग प्रशिक्षक इंटरनेट के माध्यम से कई एप्प्स के ज़रिए दूर दराज़ बसे लोगों को योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस प्रकार ना सिर्फ  घर बैठे लोग योग कर पा रहे हैं,बल्कि प्रशिक्षकों के लिए भी यह एक नई कला सीखने का स्वर्णिम अवसर है। 

कोरोना ने जीवनशैली को इस तरह प्रभावित किया है, की जनमानस अपने अपनो से मिलने में डरने लगे हैं। जबकि ज़रूरत है अपने मानसिक सन्तुलन को बनाये रखने की है और अपने श्वसन तंत्र और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने की।अगर यह तीनों चीज़ें सुद्रढ़ रहेंगी तो कोरोना वायरस संक्रमण के बावजूद हम इससे आसानी से उबर पाएंगे। मानसिक दबाव के यह दिन भी गुज़र जाएंगे,अगर दूर रहकर भी अपने करीब रहेंगे। 

अपनो से बातचीत करते रहिए, हाल चाल पूछते रहिये, घबराहट से दूर रहिये और मन को प्रफुल्लित रखिये, की जो हो रहा है किसी अच्छे के लिए, जो होगा वह भी अच्छे के लिए ही होगा और इन सब घटनाओं में ईश्वर की मर्ज़ी है। खुद को आध्यात्म से जोड़े रखें, यहीं से आत्मबल मिलेगा। इस छठवें योग दिवस पर आइये हम सब शपथ लें, की खुद को और परिवार को योग अभ्यास के लिए प्रेरित करेंगे और सबकी सुरक्षा के लिए अपना अपना योगदान देंगे। सब अपना कर्तव्य समझेंगे तभी इस योग दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जो नारा दिया है " घर घर में योग" उस पर अमल करने का यही सही समय है। आइये पूरे विश्व स्वास्थ और समृद्धि के लिए कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करें-
सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भागभवेत । 
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।

                                                  मोनिका जैन (योग प्रशिक्षक)