वेबिनार में देशभर के 560 प्रतिभागियों ने कराया रजिस्ट्रेशन…
संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग : डाॅ. मिनी

वर्तमान में कोरोना वैश्विक बीमारी बन चुकी है। दुनियाभर के देश इससे बचने के प्रयासों में लगे हुए हैं, लेकिन हमें भी अपनी ओर से बचाव के रास्ते अपनाने चाहिए। यदि देखा जाए तो सोशल डिस्टेंसिंग में छः फीट की दूरी अपनाना जरूरी है। इसके अलावा पर्सनल प्रोटेक्शन और केस डिटेक्शन प्रोसेस पर भी ध्यान देना चाहिए। यह बात वीआईटी चेन्नई की डाॅ. मिनी घोष ने कही। वह जीवाजी विश्वविद्यालय की गणित अध्ययनशाला की ओर से मैथमेटिकल माॅडलिंग पर्सपेक्टिव्स फाॅर प्रीडिक्शन आॅफ स्प्रेड एंड कंट्रोल स्ट्रेटजीज फाॅर कोविद- 19 विषय पर हुए वेबिनार में बोल रही थी। उन्होंने मैथमेटिकल माॅडल का विश्लेषण राज्यों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर किया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के निर्देशन में हुए इस वेबिनार में देशभर के 560 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। 

इस अवसर पर कन्वीनर डाॅ. ओपी मिश्रा, प्रो. वायके जायसवाल, प्रो. डीसी गुप्ता, प्रो. नीरज जैन, प्रो. आरके तिवारी और डाॅ. साधना श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। जादवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता के डाॅ. एन बैरागी ने कोविद- 19 के लक्षण और उसके फैलाव के बारे में बताया। उन्होनें कहा कि इसे समझने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि कोविद- 19 का प्रभाव जुलाई के तीसरे सप्ताह तक रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इसके संक्रमण को अगले साल के फरवरी महीने तक नियं़ित्रत किया जा सकता है। एग्रीकल्चरल एंड इकोलाॅजिकल रिसर्च यूनिट आईएसआई कोलकाता के डाॅ. जाॅयदेव चट्टोपाध्याय ने कोविद- 19 के इतिहास और दुनियाभर में फैले उसके प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने मैथमेटिकल माॅडल की सहायता से इसके बारे में अन्य जानकारियां भी दीं।

एबीवी ट्रिपल आईटीएम के प्रो. जे. धर ने मैथमेटिकल माॅडल के विश्लेषण के द्वारा कोविद- 19 की रोकथाम के लिए तीन रणनीतियों के बारे में बताया। इनमें पहली है संक्रमित व्यक्तियों को कोरंटाइन करना, दूसरी जिन व्यक्तियों में कोविद- 19 के लक्षण दिखाई दें उन्हें हाॅस्पिटल के  अलग वार्ड में रखा जाए, तीसरा मीडिया के माध्यम से एनपीआई का प्रचार- प्रसार किया जाए। इसके अलावा पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन आॅफ इंडिया गुड़गांव की रिसर्च साइंटिस्ट डाॅ. सुरभि पांडेय ने कहा कि महामारी की रोकथाम के लिए  नीति निर्माण में मैथमेटिकल माॅडलिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने ग्राफ के माध्यम से  महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में कोविद- 19 के कारण मृत्युद दर काफी अधिक होने के बारे में भी बताया आदि पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने राज्यवार कोविद- 19 के परीक्षण पर जोर दिया।