चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार आये इंदौर…
देशभर ने देखा इंदौर की सेवा का जज्बा : शिवराज 

इंदौर। मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को इंदौर के लाभ मण्डपम में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि इंदौर वाकई अदभूत व सेवाभावी शहर है। कोविड-19 जैसे संकटकाल में यहाँ की जनता, स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संगठनों, राजनेताओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया,प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों और अन्य शासकीय सेवकों, चिकित्सकों आदि ने कोरोना योद्धाओं के रूप में कार्य कर आम जन की न सिर्फ सेवा और मदद की बल्कि मजदूर, प्रवासियों की जिस तरह से सेवा की वो न सिर्फ सराहनीय थी,बल्कि इंदौर के इस सेवाभावी जज्बे को पूरे देश-दुनिया ने एक नई दिशा के रूप में देखा। इससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य शहरों को भी सीख मिली है। मुख्यमंत्री की प्रेस कांफ्रेंस में मंच पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद  शंकर लालवानी, विधायकगण  रमेश मेंदोला, मालनी गौड,उषा ठाकुर, आकाश विजयवर्गीय तथा शहर अध्यक्ष गौरव रणदिवे और सुश्री कविता पाटीदार, जनसम्पर्क आयुक्त सुदाम खाड़े,कलेक्टर मनीष सिंह  भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि प्रवासी भाई-बहनों, बच्चों के लिये बेहतर भोजन, चाय, नाश्ता, चप्पल,जूते तक की व्यवस्थायें इंदौर के लोगों द्वारा जिस तरह से की गयी वह अपने आप में अनूठी है। ये सेवा कोई मामूली बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संकटकाल अभी टला नहीं है, हमें नियम एवं मापदण्डों का पालन करते हुये आगे बढ़ना होगा। कोरोना ने फरवरी माह में ही इंदौर में दस्तक दे दी थी। 

इंटरनेशनल फ्लाईट के माध्यम से इसने शहर में जड़े जमायी। उन्होंने कहा कि सीएम बनने के बाद पहली समीक्षा बैठक में बात सामने आई कि उस वक्त केवल प्रतिदिन 60 सेम्पल की जाँच की व्यवस्था थी, जो अब बढ़कर प्रतिदिन लगभग 6 हजार हो गयी है। लेबों की संख्या भी बढ़ायी गयी है। पीपीई किट का भी अभाव था, मगर यह व्यवस्था भी दुरूस्त हो गयी है। उन्होंने सभी को धन्यवाद देते हुये कहा कि विपरित परिस्थितियों में जो कार्य किया गया है उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के जितने पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं, अब उससे ज्यादा मरीज कोरोना से ठीक होकर डिस्चार्ज हो रहे हैं। मृत्यु दर भी कम हुई है। डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या मई माह में 15 प्रतिशत थी, जो जून माह में बढ़कर 64 प्रतिशत हो गयी है। पूरे प्रदेश में इसकी दर 68 प्रतिशत है। अभी और केस आ रहे हैं। इससे निपटने की व्यवस्था भी की गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कोविड से निपटने की व्यवस्था की गयी। संकट है, मगर व्यवस्थायें भी पूर्ण हैं। संकट के समय भी कई योजनायें बंद कर दी गयी थी, अब उन्हें पुन: शुरू कर आम नागरिकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने पंजाब का रेकार्ड तोड़ते हुये समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में देश में प्रथम स्थान पर है। 

मध्यप्रदेश ने इस सीजन में अब तक लगभग एक करोड़ 28 लाख मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है।  जब कि पंजाब में गेहूं की खरीदी एक करोड़ 27 लाख मेट्रिन टन से अधिक की है। इस तरह मध्यप्रदेश देश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में सिरमौर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये डाले गये,प्रीमियम, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिये भी करोड़ों की राशि उपलब्ध करायी गयी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये मॉस्क बनाने का कार्य सौंपा गया। 26 लाख लोगों को मनरेगा में काम मिला। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संदर्भ में उन्होंने कहा कि छोटे व्यवसाय करने वाले, फल, सब्जी, दुकानें, ठेलागाड़ी लगाने वालों अन्य छोटे व्यवायियों को 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया गया है। उसका ब्याज राज्य सरकार भरेगी और ऋण की गारंटी भी लेगी। रोजगार सेतु के लिये भी योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारवार्ता में कहा कि इंदौर में कोरोना से निपटने की व्यवस्थायें बेहतर हैं। मैं इन व्यवस्थाओं से पूरी तरह से आश्वस्त हूं। अनलॉक के बाद भीड़ न उमड़े इसका ध्यान रखना होगा। तय मापदण्डों का पालन करने पर ही कोरोना काबू में आयेगा। छोटे-छोटे उद्योग लगाने के लिये खाका तैयार किया जा रहा है। लघु कुटीर उद्योग,स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा के लिये भी बेहतर प्रयास किये जायेंगे। 

कोरोना से लड़ने की व्यवस्था के साथ ही आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में निर्णय लिया गया है कि प्रायवेट स्कूल सिर्फ ट¬ुशन फीस ही ले सकते हैं, अन्य कोई फीस नहीं लेंगे। ऐसी व्यवस्था कॉलेजों में भी किये जाने पर विचार किया जा रहा है। अगर स्कूलों में फीस संबंधी कोई शिकायत आयेगी तो कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल कब खुलेगे अभी निश्चित नहीं हैं। जून मध्य में बैठक लेकर निर्णय लिया जायेगा जुलाई में कोविड की स्थिति की समीक्षा कर स्कूल खोले जाने के संबंध में निर्णय होगा।  बिजली के बिलों के संबंध में उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिल 100 रुपये आ रहे थे, उनसे अब 50 रुपये, 400 रुपये तक के उपभोक्ताओं से 100 रुपये और 400 रुपये से ज्यादा बिल वाले उपभोक्ताओं को आधी राशि का भुगतान करना होगा। बाकी की राशि समीक्षा के बाद ली जायेगी। स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के बारे में उन्होंने कहा कि इंदौर वैसे भी बहुत आगे हैं। जरूरत के अनुसार और व्यवस्थायें की जायेंगी। उन्होंने कहा कि माफियाओं के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा। 

राजनीतिक दुर्भावनावश कोई कार्यवाही नहीं होगी। श्री चौहान ने जून माह में कोरोना के पीक की आशंका को स्पष्ट करते हुये कहा कि भविष्य के लिये सरकार ने योजना बना ली है। बेड, आईसोलेशन, ऑक्सीजन सहित तमाम व्यवस्थायें तैयार हैं। किसी तरह की दिक्कत नहीं आयेगी, चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। पीक की संभावना के मद्देनजर शासन-प्रशासन तैयार है। उन्होंने कहा कि इंदौर धार्मिक नगरी है, यहाँ के धर्म स्थलों को खोलने का निर्णय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में लिया जायेगा मगर सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है। निजी अस्पतालों की मनमानी नहीं चलने दी जायेगी। अगर कोई गड़बड़ी करेगा तो उस अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुये उसका लायसेंस निरस्त किया जायेगा। सरकारी अस्पतालों में कोरोना से निपटने की बेहतर व्यवस्थायें हैं। एमवायएच में कोविड मरीजों का इलाज नहीं किया जायेगा,क्योंकि वहाँ पर हर तरह की बीमारी का इलाज कराने के लिये प्रदेशभर से मरीज आते हैं, इसलिये सतर्कता बरतना जरूरी है। संकट के समय में सरकारी और निजी का भेद मिट गया है। श्री चौहान ने यह भी कहा कि उन्होंने इंदौर से दौरे करने का श्री गणेश कर दिया है। कोरोना संक्रमण के चलते वे अभी तक कहीं नहीं जा रहे थे, मगर अब वे दौरे करेंगे।