कलेक्टर ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में दी जानकारी…
कोरोना के कम्युनिटी संक्रमण को रोकने हेतु पूल सेम्पलिंग होगी शुरू 

ग्वालियर। कोरोना वायरस का कम्युनिटी में संक्रमण को रोकने हेतु जिले में पूल सेम्पलिंग लेने का कार्य किया जायेगा। सेम्पलिंग का कार्य सबसे पहले सर्विस प्रोवाइडरों से शुरू होगा। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने उक्त आशय की जानकारी सोमवार को आयोजित अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में दी। कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा, एडीएम किशोर कन्याल, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य सहित जिला कार्यालय प्रमुख आदि उपस्थित थे। कलेक्टर श्री सिंह ने कोविड-19 की समीक्षा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने एवं लॉकडाउन का पालन करने में अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा समन्वय बनाकर बेहतर कार्य किया गया है। 

हम अब रणनीति के तहत कम्युनिटी में कोरोना वायरस का संक्रमण और न फैले, इसके लिये पूल में सेम्पलिंग का कार्य किया जायेगा। प्रतिदिन 500 पूल एवं 500 रेग्यूलर सेम्पल लिए जायेंगे। पूल सेम्पलिंग लेने में सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सब्जी एवं फल विक्रेता, किराना दुकानदार, मटन मार्केट, घरों में कार्य करने वाले पुरूष एवं महिला कामगार, नगरों की घनी आबादी वाली बस्तियां, बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के साथ विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों पर कार्यरत श्रमिकों की भी सेम्पलिंग की जायेगी। सेम्पलिंग का कार्य इंसडेंट कमांडरों की देखरेख में होगा। इसके लिये इंसीडेंट कमांडर क्षेत्रवार अपनी-अपनी 15 दिन की रणनीति बनायें। उन्होंने कहा कि सेम्पलिंग के दौरान हमें उन क्षेत्रों पर भी ध्यान देना होगा जहां पूर्व में कोरोना के पॉजिटिव प्रकरण सामने आए हैं। 

श्री सिंह ने फीवर क्लीनिकों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले की सीमाओं पर जो फीवर क्लीनिक शुरू किए गए हैं वह विधिवत रूप से बाहर से आने वाले लोगों के थर्मल स्क्रीनिंग एवं सेम्पल लेने का कार्य भी करें। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुरूप जिले में औद्योगिक एवं व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। अत: सोशल डिस्टेंसिंग का पालन एवं मास्क लगाकर कार्य करें। कलेक्टर ने विकास एवं निर्माण विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हमें प्रवासी श्रमिकों का प्राथमिकता के आधार पर उनके हुनर एवं सुविधा के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिये नियोजन, कारखाना प्रबंधन, ठेकेदार एवं निर्माण एजेन्सी आदि रोजगार सेतु पोर्टल पर दो दिवस में अपना पंजीयन अवश्य कराएं। 

बिना पंजीयन नियोजक एवं ठेकेदार द्वारा श्रमिकों को रखने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने समीक्षा के दौरान सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में आने वाले लोगों को थर्मल स्क्रीन के साथ सेनेटाइजर की व्यवस्था हो। इसके लिये एसओपी का पालन हो। श्री सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन से प्राप्त होने वाले दिशा-निर्देशों एवं पत्रों का पूरी गंभीरता के साथ अध्ययन करें। साथ ही प्राप्त होने वाली शिकायतों का गंभीरता के साथ निराकरण की कार्रवाई करें। 

उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को गत वर्ष की छात्रवृत्ति प्राप्त न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रभारी अधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने लोक निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, नगर निगम द्वारा निर्माणाधीन सड़कों  का निर्माण कार्य वर्षा शुरू होने के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन की श्रमिकों के लिये संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में हाथ ठेला पर व्यवसाय करने वाले लोगों का पंजीयन कर उनके परिचय पत्र बनवाए जाएं, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।