विधानसभा मुरैना व दिमनी के सेक्टर ऑफिसरों की बैठक संपन्न…
सैक्टर ऑफिसर चुनाव कार्य ई.व्ही.एम. मशीनों में विकुल परफैक्ट होना चाहिए : श्रीमती दास

मुरैना। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका दास ने मुरैना एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र के लिये सेक्टर आॅफीसरों से कहा कि चुनाव कार्य सर्विस काल में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। जिसमें व्यक्ति को किसी भी तरह फैल नहीं होना चाहिये। जहां पूछने की जरूरत है, वहां बार-बार पूछें किंतु चुनाव कार्य में गलती नहीं होनी चाहिये। यह बात उन्होंने प्रशिक्षण बतौर मुरैना एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र के लिये बनाये गये सेक्टर आॅफीसरांे से शनिवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 मुरैना के सभागार में कही। उन्होंने कहा कि सेक्टर आॅफीसर का ज्ञान ऐसा होना चाहिये कि चुनाव कार्य के दौरान ईव्हीएम, व्हीव्हीपैट मशीन कहीं भी बंद नहीं हो, अगर बंद होती भी है तो उसे तत्काल पहुंचकर दुरूस्त कर सकें। सेक्टर आॅफीसरों को ईव्हीएम मशीनों में बिल्कुल परफेक्ट होना चाहिये। 

इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एलके पाण्डे, एसडीएम मुरैना आर.एस बाकना, तहसीलदार अम्बाह सर्वेश यादव, मुरैना एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र के लिये बनाये गये सेक्टर आॅफीसर उपस्थित थे। एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका दास ने कहा कि सेक्टर आॅफीसर जिसको जहां नियुक्त किया है वे 10 से 12 मतदान केन्द्रों के सेक्टर आॅफीसर रहेंगे। सेक्टर आॅफीसर अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर भ्रमण कर मतदान केन्द्रों का निरीक्षण करें और मतदान केन्द्र के अन्तर्गत आने वाले बीएलओ, आशा कार्यकर्ता, सचिव, जीआरएस एवं अगर शासकीय भवन नहीं है तो निजी भवन मालिक का भवन खुलवाने के लिये मोबाइल नंबर लेकर सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंस बनी रहे इसके लिये विधानसभा उपचुनाव में जो मतदान केन्द्र बनाये गये हैं, उनमें शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 800 मतदाता एवं शहरी क्षेत्र में 1000 मतदाता मतदान केन्द्र पर दर्ज हैं तो उन मतदान केन्द्रों में से सहायक मतदान केन्द्र बनाने होंगे। 

इसके लिये सेक्टर आॅफीसर अपने-अपने सेक्टर में यह सुनिश्चित करें कि ऐसे कितने मतदान केन्द्र हैं, जिनमें 801 एवं 1001 मतदाता मतदान करेंगे। उन केन्द्रों को चिन्हित करें और उनमें से सहायक मतदान केन्द्र के लिये भवन, छाया, सोशल डिस्टेंस के हिसाब से लाइन लगने के लिये स्थान का अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि उनमें से सहायक मतदान केन्द्र जिस भवन में बनेगा उस भवन की लोकेशन ऐसी होनी चाहिये कि इधर का मतदाता उधर और उधर का मतदाता इधर आने में कठिनाई न हो। ऐसे सहायक मतदान केन्द्रों की जानकारी चुनाव आयोग को भेजी जाना है। जिससे आगे की कार्यवाही की जा सके। बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका दास ने सेक्टर आॅफीसरों को क्रिटिकल, वल्नरेवल एवं एक्सपेंडिचर के महत्व को विस्तार से समझाया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एलके पाण्डे ने कहा कि मतदान दिवस पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर कार्यवाही करना एवं आदर्श आचार संहिता का पालन करना। 

मतदान दलों द्वारा मतदान मशीन की शीलिंग तथा विभिन्न प्रपत्रों की जांच करना। मतदान दल के साथ ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट को सुरक्षित केन्द्र पर जमा कराने पर सुरक्षा प्रदान करना। पीठासीन अधिकारी की डायरी समुचित रूप से भरी हुई है। ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपैट शील बंद है। प्रारूप 17ए मतदाता रजिस्टर समुचित रूप से भरा हुआ है। पीठासीन अधिकारी द्वारा सभी निर्धारित प्रारूप एवं अतिरिक्त महत्वपूर्ण सूचनायें मतदान केन्द्र पर ही पूर्ण कर ली गई है। यह सुनिश्चित करें कि पीठासीन अधिकारियों के द्वारा मतदान समाप्ति के उपरांत कंट्राॅल यूनिट का क्लोज बटन दवा दिया गया है। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी आर एस बाखना ने भी अपने विचार व्यक्त किये।