हनीट्रैप और मानव तस्करी समेत 56 मामलों में 7 महीने से था फरार…
जीतू सोनी को इन्दौर पुलिस ने किया गुजरात से गिफ्तार

इंदौर। मध्यप्रदेश के हनीट्रैप मामले के आरोपी जीतू सोनी को इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया। चार दिन पहले ही जीतू के भाई महेंद्र सोनी को पुलिस ने गुजरात के अमरेली से गिरफ्तार किया था। फरार होने के बाद पुलिस ने इस पर सवा लाख रुपए का इनाम रखा था।  जीतू सोनी को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 3 जुलाई तक पुलिस रिमांड दिया है। हनीट्रैप मामले का खुलासा होने के बाद जीतू सोनी पर पुलिस ने 56 से ज्यादा एफआईआर दर्ज कींं। 

वहीं, करीब 40 केसों में उसके साथ परिवार के सदस्यों को आरोपी बनाया है। पुलिस को महेंद्र की मानव तस्करी समेत दो अन्य मामलों में भी तलाश थी। पुलिस ने जीतू के बेटे अमित सोनी को 6 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में उसे जमानत में मिल गई। बताया जाता है कि 4 दिन पहले पुलिस रेड की सूचना मिलते ही जीतू सोनी राजकोट स्थित एक फार्म हाउस से भाग गया था। शुक्रवार को दोबारा लोकेशन निकाली गई और छह टीमों ने अलग-अलग जगहों पर छापे मारे। इस बार भागने का मौका नहीं दिया और जीतू को गुजरात और मप्र के बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। उसे रविवार सुबह 11 बजे क्राइम ब्रांच की टीम इंदौर लेकर पहुंची। यहां उससे पूछताछ की जा रही है। 

लोकस्वामी अखबार के मालिक जीतू सोनी पर होटल माय होम में बिना मंजूरी के डांस बार चलाने का आरोप है। इंदौर पुलिस ने बताया था कि होटल में कई युवतियों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दिसंबर में गीता भवन चौराहे के पास होटल में छापा मारा था। होटल की तलाशी लेने पर छोटे-छोटे कमरों में 67 लड़कियां मिली थीं, जो अन्य राज्यों की थी और काफी गरीब घरों से थीं। बाउंसर और अन्य व्यक्तियों के जरिए इन युवतियों को बंधक बनाकर यौन शौषण भी किया जाता था।
जीतू पर आरोप यह है कि अपने डांस बार में अफसर और नेताओं को बुलाकर उन्हें ट्रैप करता था और उनसे पैसा वसूल करता था।
सरकार ने माफिया अभियान के तहत जीतू का ऑफिस और बंगले तोड़ दिए थे।