स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि...
हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन दवा से फिलहाल कोई नुकसान नहीं : ICMR 

नई दिल्ली l कोरोना के इलाज में हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) दवा पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रोक लगा दी है. इस दवा का इस्तेमाल मलेरिया के इलाज में किया जाता है. इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा कि इसके इस्तेमाल में फिलहाल कोई नुकसान नहीं हैं.

आईसीएमआर के एक अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस एक नई बीमारी है. किसी को नहीं पता है कि इसका सटीक इलाज क्या है. हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन को लेकर एम्स और दिल्ली के तीन प्राइवेट अस्पतालों में एक कंट्रोल्ड स्टडी की गई थी. इसमें पाया गया कि यह काम कर सकती है और इसके कोई बड़े दुष्प्रभाव नहीं हैं. इसको लेकर सलाह दी गई है कि दवा के इस्तेमाल के दौरान ईसीजी करें.

कोरोना वायरस को लेकर हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक 60490 लोग ठीक हुए हैं. मार्च में रिकवरी रेट 7.1 फीसदी था, धीरे-धीरे अब ये ठीक हुआ है. उन्होंने कहा कि देश में मृत्यु दर 2.87 फीसदी है. यह दुनिया में बहुत कम है. भारत में प्रति एक लाख आबादी पर 0.3 मौत हुई है, जो विश्व में सबसे कम है. कोविड-19 मृत्यु दर 15 अप्रैल के 3.3 फीसदी से घटकर 2.87 प्रतिशत हो गई है.

लव अग्रवाल ने कहा कि कहा कि भारत में प्रति लाख कम मृत्युदर और मामलों की संख्या कम रखने में लॉकडाउन की बड़ी भूमिका रही. उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को सोशल वैक्सीन की तरह इस्तेमाल करें. इसके साथ ही ये जानकारी दी गई कि 612 लैब्स में इस वक्त टेस्ट हो रहे हैं. बीते तीन महीने में टेस्ट कई गुना बढ़ाए गए हैं. साथ ही इसका दायरा भी बढ़ाया गया है.