मनरेगा के तहत तालाबों का निर्माण कार्य शुरू कराके…
प्रवासी मजदूरों को उपलब्ध करायें रोजगार : चम्बल कमिश्नर 

मुरैना। चंबल संभाग के प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये चंबल संभाग के कमिश्नर एमबी ओझा ने संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टरों, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं जनपद पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिये थे। उन्होंने कहा था कि मनरेगा के तहत खोले गये जाने वाले निर्माण विकास कार्यों में जल सम्बर्धन एवं जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता से लें। तालाबों के निर्माण कंुआ, बावड़ी जो पुर्नजीवित की जाना हो, ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ लेने के निर्देश दिये थे। 

चंबल कमिश्नर ने संभाग के सभी 1150 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों से आग्रह किया था कि वे कम से कम दो ग्राम पंचायतों के बीच एक तालाब का निर्माण जरूर करें। तालाबोें के निर्माण से जहां पशुओं को पानी मिलेगा, वहीं ग्रामीणों को तालाब का पानी निस्तार के लिये उपलब्ध होगा। तालाबों के निर्माण से गांवों का बाटर लेवर बढ़ेगा। इससे हेण्डपम्प में पानी चालू रहेगा, वहीं आस पास जमीन में नमी रहने से कृषि फसलों में भी बढ़ावा मिलेगा। 

संभाग में 220 तालाब, कुंऐ, बावड़ी पुर्नजीवित की जा सकती है। पुर्नजीवित करने पर 2 करोड़ 37 लाख 35 हजार रूपये का अनुमानित व्यय होगा। संयुक्त आयुक्त विकास राजेन्द्र सिंह ने बताया कि चंबल संभाग के तीनों जिलों के जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों 220 ऐसे तालाब कंुऐ, बावड़ी चिन्हित किये है कि इन्हें पुनः जीवित किया जा सकता है। इनके पुर्नजीवित होने पर 2 करोड़ 37 लाख 35 हजार रूपये का खर्च आयेगा। 

सर्वाधिक 141 कुआ, बावड़ी, तालाब श्योपुर जिले में चिन्हित किये है, जिन्हें पुर्नजीवित किया जा सकता है। इन 141 कुंआ, बावड़ी तालाबों के पुर्नजीवित होने पर 1 करोड़ 24 लाख 77 हजार रूपये का व्यय अनुमानित है। इसी तरह भिण्ड जिले में 57 कुंआ, बावड़ी, तालाब चिन्हित किये है। इन पर 97 लाख 25 हजार रूपये का व्यय अनुमानित है। मुरैना जिले में 22 कुंआ, तालाब, बावड़ी चिन्हित किये है, जिनके पुनजीवित करने के लिये 15 लाख 33 हजार रूपये का व्यय अनुमानित है।