सिवनी में पत्तियां विहीन हुए पेड़…
प्रदेश के कुछ अंचलों में टिड्डी दलों का हमला जारी

इंदौर। प्रदेश के कुछ अंचलों में अब भी टिड्डी दलों का फसलों व पेड़-पौधों पर हमला जारी है। रविवार को गुना, सिवनी, रीवा, सतना व सीधी जिलों में लाखों की संख्या में पहुंची टिड्डियों ने धावा बोला। उन्होंने खेतों में सब्जियों व अन्य फसलों व पेड़-पौधों की पत्तियों को चट कर दिया। उन पर फायर ब्रिगेड की मदद से कीटनाशकों का छिड़काव किया गया, लेकिन 20 से 40 फीसद ही मारी गईं। बची टिड्डियां अब भी नुकसान पहुंचा रही है।

गुना जिले के म्याना के अंतर्गत शाहपुरा गांव के आसपास शनिवार रात टिड्डी दल ने धावा बोला। लाखों की संख्या में आईं टिड्डियों ने पांच किलोमीटर क्षेत्र में पेड़ों की पत्तियां चट कर दीं। सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम लेकर पहुंची कृषि विभाग की टीमों ने ताबड़तोड़ कीटनाशकों का छिड़काव किया, जिससे 40 फीसद टिड्डियां ढेर हो गईं। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अशोक उपाध्याय ने बताया कि शनिवार रात 12 बजे नसीरा गांव के खेतों में टिड्डी दल नष्ट करने के लिए दल-बल के साथ पहुंचे।

उधर केंद्र की एक टीम शिवपुरी से म्याना पहुंचीं। गुना व अशोकनगर के शाढ़ौरा से फायर बिग्रेड पहुंचीं। अाधी रात से सुबह 8 बजे तक टिड्डी दल को भगाने और मारने के लिए अभियान चला। नौ घंटे में पांच फायर बिग्रेड ने 33 हजार लीटर पानी में 35 लीटर कीटनाशक की मदद से 40 फीसद टिड्डी मार गिराईं। 60 फीसद टिड्डी अभी इस गांव के आसपास के खेतों में हैं। उन्हें मारने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

प्रदेश के महाकोशल क्षेत्र के बालाघाट के बाद सिवनी जिले में दो दिनों से टिड्डियों ने कोहराम मचा रखा है। टिड्डी दल पेड़ों पर बैठकर उनकी पत्तियों व क्षेत्र की अन्य वनस्पतियों को तबाह करने में लगा है। सीधी, रीवा और सतना जिलों में फिर टिड्डी दल पहुंच गया है। सिवनी में रविवार दोपहर तक टिड्डियां बाम्हनवाड़ा, उमरिया गांव के पेड़ों की पत्तियों को चट करती रहीं। फायर बिग्रेड वाहनों से लगातार दवा का छिड़काव किया गया, लेकिन 20 से 25 फीसद टिड्डियां ही नष्ट हुईं। वहीं सतना जिले की मैहर तहसील क्षेत्र के जरियारी गांव में भी टिड्डियों ने 20 फीसद सब्जियां एक ही रात में चट कर दीं। सीधी में दो टिड्डी दल मौजूद हैं। उन पर कीटनाशक का छिड़काव जारी है।