अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं के लिये…
प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन से संभाग आयुक्त एवं एडीजी की हुई चर्चा 
 

ग्वालियर। कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी को देखते हुए निजी चिकित्सक भी अपने क्लीनिक एवं अस्पताल खोलकर आमजनों को स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करें। मानव सेवा को देखते हुए सभी चिकित्सक अपनी सेवायें आमजनों को प्रदान करें। संभागीय आयुक्त एम बी ओझा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में यह बात कही गई। बैठक में एडीजी राजाबाबू सिंह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, डीन मेडीकल कॉलेज डॉ. एस एन अयंगर, डॉ. अशोक मिश्रा, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें, सीएमएचओ, सिविल सर्जन सहित प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे। 

संभाग आयुक्त एम बी ओझा ने प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहा कि नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के उपचार हेतु सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में चिन्हित कर उपचार किया जा रहा है। जिले में अन्य बीमारियों एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिये शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ निजी क्लीनिक एवं नर्सिंग होमों को भी अपनी सेवायें निरंतर देना चाहिए। सभी चिकित्सक अपनी नियमित सेवायें निजी अस्पतालों में प्रदान करें ताकि जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध हो सकें। 

संभाग आयुक्त श्री ओझा ने यह भी आग्रह किया कि निजी चिकित्सक भी उपचार के दौरान अपने अस्पतालों में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये सभी आवश्यक उपाय अवश्य करें। चिकित्सक भी उपचार के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें। उन्होंने कहा कि कोविड के संबंध में अगर कोई मरीज आता है तो उसे शासकीय अस्पताल में भेजें। अन्य बीमारियों के उपचार के लिये निजी चिकित्सालय भी अपनी सेवायें प्रदान करें। 

एडीजी राजाबाबू सिंह ने कहा कि शासकीय एवं निजी चिकित्सक भी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान कर पीड़ित व्यक्ति को स्वस्थ करने के कार्य को अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। चिकित्सक का कार्य मानव सेवा का कार्य है। इस कठिन परिस्थितियों में चिकित्सकों को अपनी पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करना चाहिए। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में कहा कि प्राइवेट नर्सिंग होम एवं चिकित्सालय अपनी सेवायें दें, प्रशासन उनके साथ है। किसी भी प्राइवेट अस्पताल या चिकित्सालय में कार्य कर रहे चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ को प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा। निजी चिकित्सालय कोविड-19 के संबंध में अगर कोई मरीज आता है तो उसे शासकीय चिकित्सालय में भेजें। शेष मरीजों का उपचार वे नियमित रूप से करें। 

प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि जिले के सभी चिकित्सक अपनी स्वास्थ्य सेवायें देने के लिये तैयार हैं। प्रशासन एवं पुलिस की ओर से भी उन्हें सहयोग मिलना चाहिए। किसी भी निजी चिकित्सालय पर अनावश्यक रूप से कार्रवाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि अन्य प्रदेशों के रेड जोन से आने वाले हर व्यक्ति का मेडीकल टेस्ट कराने के साथ-साथ उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया जाना चाहिए।