चम्बल कमिश्नर ने दिये अधिकारियों को निर्देश…
बाहर से आये प्रवासी मजदूरों को शत्प्रतिशत रोजगार मिले : श्री ओझा
 
मुरैना। चंबल संभाग के कमिश्नर एम.बी. ओझा ने संयुक्त आयुक्त विकास को निर्देश दिये है कि संभाग के तीनों जिले मुरैना, भिण्ड और श्योपुर में आये प्रवासी मजदूरों को शत्प्रतिशत रोजगार मुहैया कराया जाये। उन्होंने कहा कि अधिकांश तालाबों के निर्माण कार्य लिये जाये। तालाबों के बन जाने से लोंगो कोे निस्तार के लिये पानी, पशुओं के लिये पेयजल उपलब्ध होगा, वहीं जमीन का वाटर लेवल भी बढ़ेगा। इससे हेण्डपम्पों, कुंआ, बावड़ियों मे पानी रहेगा और हरियाली भी बनी रहेगी। कमिश्नर ने कहा कि हर दो पंचायतों के बीच एक तालाब का निर्माण होना चाहिये। चम्बल कमिश्नर श्री ओझा 21 मई गुरूवार को अपने कार्यालय कक्ष में अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

बैठक में एडीशनल कमिश्नर अशोक कुमार चैहान, संयुक्त आयुक्त विकास राजेन्द्र सिंह सहित श्रम, पी.एच.ई. सहित संभागीय अधिकारी मौजूद थे। चंबल संभाग के कमिश्नर एम.बी. ओझा ने चंबल संभाग के तीनों जिलों के सरपंचों से आहवान किया है कि वे अपनी पंचायतों में तालाबों के निर्माण कार्य करायें, निर्माण कार्य के लिये वे सीधे अपनी जनपद पंचायत के सीईओ से चर्चा करें। उन्होंने कहा कि तालाबों के काम शुरू होने से मजदूरों को पर्याप्त रोजगार मिलेगा, वहीं गांव-गांव पानी की सुविधा उपलब्ध हो सकेंगी। कमिश्नर ने कहा कि मुरैना 478 भिण्ड, 447 और श्योपुर में 225 ग्राम पंचायतें में है। 

समीक्षा के दौरान बताया कि संभाग के तीनों जिलों के 16 विकासखण्डों में लगभग 120 करोड़ रूपये के मनरेगा के काम चल रहे है। उन्होंने कहा कि सभी जरूरत मंदों को काम मिले। बीहड़ों में भी तालाब बनाने की प्लानिंग की जाये। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयास यह रहे कि खेत का पानी, खेत में रहे। इसके लिये खेत के चारों ओर मेढ़ बंदी हो। धार्मिक स्थानों पर भी तालाब बनें। पुराने तालाबों के गहरीकरण के प्रस्ताव भी शीघ्रता के साथ बनाये जायें। उन्होंने देवास जिले में खेत-खेत में बने तालाबों का भी उल्लेख किया। चंबल संभाग के कमिश्नर श्री ओझा ने श्रम विभाग के अधिकारियों से कहा कि बानमौर औद्यौगिक क्षेत्र में जाकर यह देंखे कि सभी कारखानों में लगे लेवर का वेतन भुगतान हुआ या नहीं। क

मिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार लाॅकडाउन में घर-घर बैठे सभी मजदूरों को वेतन का भुगतान किया जाना है। वेतन नहीं देने से कोई फैक्ट्री मालिक मना तो नहीं कर रहा है। कमिश्नर ने बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षक यंत्री आरके करहिया को  निर्देश दिये कि चंबल संभाग में पेयजल की समस्या नहीं रहना चाहिये। जहां समस्या है वहां पेयजल परिवहन करके पेयजल की पूर्ति की जाये। उन्होंने कहा कि बंद पड़ी सभी नलजल योजनायें तत्परता के साथ शुरू हों। जिन नलजल योजना को पूर्ण कराने की समयावधि निर्धारित है, वे नलजल योजनायें समय पर पूर्ण हो जायें। अधीक्षण यंत्री ने बताया कि कैलारस और पहाडगढ़ के 22 गांव में पेयजल की समस्या पूर्व में रही है। 

इन ग्रामों में वर्तमान में एक मैकेनिकल मशीन को नलकूप खनन के लिये लगाया है। उन्होंने कहा कि तीनों जिलों में कहीं पर सूखे की स्थिति नहीं है। हेण्डपम्प सुधारने के लिये आउटसोर्स से संभाग में तीनों जिलों के तीन-तीन विकासखण्डों में काम चल रहा है। हेण्डपम्पों के पार्ट विभाग से दिये जा रहे है। वर्तमान में 60 बसाहटों में 90 ट्यूब बैल लगाने का लक्ष्य दिया गया है। पिछले वर्ष लगभग 500 ट्यूब बैल लगाये गये थे। श्री करहिया ने अटारघाट पर डेम बनाने का सुझाव भी दिया।