राजकोट से आई ट्रेन से बच्चों सहित 1500 यात्रियों को उतारा...

महाराष्ट्र और गुजरात में फंसे 5000 से अधिक मजदूरों को लेकर आई ट्रेनें




लॉकडाउन में महाराष्ट्र और गुजरात में फंसे कई जिलों के पांच हजार से अधिक मजदूरों को लेकर खुशियों की ट्रेनें शनिवार को रतलाम, मेघनगर और खंडवा पहुंचीं। बसों से इनके गृहनगर भेजा गया। हालांकि अव्यवस्था भी देखने को मिली। रतलाम में गुजरात के राजकोट से आई ट्रेन से बच्चों सहित 1500 यात्रियों को उतारा गया। इसके बाद इन्हें स्क्रीनिंग के लिए भेजा गया।

स्वास्थ्य टीमों द्वारा जांच के बाद मजदूरों को इनके गृहनगर 37 बसों से रवाना किया गया। इनमें भिंड, मुरैना, दतिया, रीवा, पन्नाा, सतना, उज्जैन, आलीराजपुर और झाबुआ जिलों के लोग थे। सरकार द्वारा प्रदेश में रतलाम को इंट्री पॉइंट बनाया गया है। सैनिटाइजेशन, मास्क वितरण औरबसों में भोजन पैकेट, पानी भी रखवाया गया।

शुक्रवार को भी मजदूरों को लेकर ट्रेन आई थी। रविवार को मोरवी से ट्रेन रतलाम आएगी। बस में दो की सीट पर चार बैठाए सुबह करीब 8 बजे गुजरात के जुनागढ़ से ट्रेन से 1250 मजदूरों को झाबुआ के मेघनगर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। ये जिले के अलावा बड़वानी, आलीराजपुर, धार, भिंड और मुरैना के हैं।

टेंट की व्यवस्था प्लेटफार्म तीन पर की गई थी, लेकिन ट्रेन प्लेटफार्म 1 पर रोकी गई। इससे अव्यवस्था हो गई थी। बसों में भी शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया गया। दो की सीट पर तीन से चार लोग बैठाए गए। कुछ लोगों के पास मास्क भी नहीं थे। भोजन के पैकेट को लेकर भी मजदूरों को काफी इंतजार करना पड़ा। मेघनगर में पोरबंदर से दूसरी ट्रेन शाम को पहुंची। इसमें 1180 मजदूर पहुंचे। शाम को आई अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा।

१३४७ मजदूरों के साथ खंडवा आई ट्रेन खंडवा में 1347 मजदूरों को लेकर जब श्रमिक स्पेशल ट्रेन अकोला से पहुंची तो यहां उतरते ही इनके चेहरे खिल उठे। मजदूरों को स्टेशन पर भोजन के पैके बांटे गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग की।

ट्रेन में इंदौर संभाग के खंडवा, बड़वानी बुरहानपुर, धार 7, इंदौर खरगोन के अलावा बैतूल, दतिया, शिवपुरी-भिंड, मुरैना, दमोह , सागर, भोपाल सहित रायसेन, विदिशा, शाजापुर, मंदसौर, होशंगाबाद, हरदा, छतरपुर, जिलों के मजदूर भी आए थे। सभी को बसों से इनके गृहनगर रवाना किया गया।