नोवेल कोरोना के दौरान प्रदेश के निवासियों को घर लाने के अभियान के तहत...

हरियाणा से प्रदेश के 24 मूकबधिर लोग आए ग्वालियर



ग्वालियर। नोवेल कोरोना वायरस की महामारी के कारण मध्यप्रदेश के विद्यार्थी, श्रमिक एवं नागरिकों को प्रदेश में वापस घर लाने के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष पहल की है। देशभर के अनेक प्रदेशों से मध्यप्रदेश के निवासियों को उनके घर पहुँचाने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। हरियाणा प्रदेश में मध्यप्रदेश के ऐसे दिव्यांग (मूकबधिर) 24 लोगों को घर पहुँचाने के लिये सोमवार को हरियाणा की बस ग्वालियर आई।

क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर एवं कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने ग्वालियर आने पर सभी 24 व्यक्तियों को ससम्मान सिटी सेंटर स्थित दिव्यांग संस्थान में रूकवाया। प्रदेश के सभी 24 दिव्यांगजनों का मेडीकल चैकअप करने के साथ-साथ उनके रहने-खाने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में उनके निवास स्थान तक पहुँचाने का प्रबंध भी प्रशासन द्वारा किया गया है। प्रदेश के 13 जिलों के 24 ऐसे मूकबधिर लोग हैं जो विभिन्न कारणों से हरियाणा प्रदेश में रह रहे थे। इनके परिजनों द्वारा भी प्रदेश सरकार से घर वापसी का आग्रह किया गया था।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर हरियाणा प्रदेश के साथ समन्वय स्थापित कर सभी को ग्वालियर लाया गया है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करने के उपरांत उन्हें उनके घर तक पहुँचाने का कार्य किया जायेगा। इसके लिये 6 रूट निर्धारित किए गए हैं। बच्चों को उनके घर तक सही सलामत पहुँचाने के लिये वाहन के साथ-साथ भोजन, पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। सभी बच्चों के साथ एक शासकीय कर्मचारी भी उनके साथ जाकर उन्हें सकुशल घर तक पहुँचायेगा।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि ग्वालियर से 24 दिव्यांगजनो को उनके घर पहुँचाने के लिये 6 रूट निर्धारित किए गए हैं। पहले रूट में जबलपुर, कटनी, पन्ना, उमरिया के कुल 7 लोगों को घर भेजा जायेगा। इसके साथ ही दूसरे रूट में सीधी, रीवा के कुल 6 लोगों को, तृतीय रूट में अशोकनगर, सागर के 2 लोगों को, चौथे रूट में बैतूल के 4 लोगों को, पाँचवे रूट में उज्जैन, बडवानी के 3 लोगों को तथा छठवें रूट में मुरैना जिले के 3 लोगों को उनके घर तक पृथक-पृथक गाड़ी से भेजा जायेगा।

घर वापसी हमेशा ही सुखद होती है। किसी भी परिस्थिति में घर वापसी का आनंद कम नहीं होता है। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के समय प्रदेश के जो लोग देश के कौने-कौने में फँसे हुए थे, उन सबको अपने घर वापस आने की इच्छा थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के ऐसे सभी निवासियों जो अन्य प्रदेशों में फँसे हुए थे, महसूस की और उनकी घर वापसी का कार्य भी तत्परता से कराया। हरियाणा प्रदेश से जिले के 24 मूकबधिर जब बस से ग्वालियर उतरे तो उनकी खुशी उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी।

बोल और सुन न पाने के बाबजूद भी वे सभी प्रसन्नचित थे और इशारे से अपनी खुशी का इज़हार भी कर रहे थे। ग्वालियर उतरते ही ज्यादातर मूकबधिरों ने अपने – अपने घर के परिजनों से वॉट्सएप कॉलिंग के माध्यम से इशारों में बात की। अशोकनगर के देवराज ने वॉट्सएप से अपने परिजन से कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की भी चर्चा कराई। उनके परिजनों ने भी सरकार द्वारा घर वापसी के लिये जो कार्य किया है, उसकी प्रशंसा की। परिजनो ने कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

हरियाणा प्रदेश से ग्वालियर आए 24 दिव्यांगजनों के लिये ग्वालियर में सिटी सेंटर में संचालित दिव्यांग संस्था में सभी को ठहरने एवं मेडीकल चैकअप की व्यवस्थायें की गई हैं। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर एवं कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने संस्था में दिव्यांगजनों के लिये ठहरने, भोजन आदि के लिये की गई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थायें बेहतर की जाएं। सभी को मेडीकल चैकअप के पश्चात भोजन आदि कराया जाए, इसके पश्चात सुबह मंगलवार को उनके गृह जिले के लिये भेजने की व्यवस्थायें की जाएं। सभी गाड़ियों में भोजन पानी की व्यवस्थायें भी हों, यह सुनिश्चित किया जाए।