विशेषज्ञों का कहना है कि...

मरकज से MP लौटने वालों ने बढ़ाया कोरोना का खतरा !


भोपाल। दिल्ली केनिजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात केमरकज से लौटे जायरीनों की राज्य में तलाश जारी है और अब तक करीब सवा सौ चिन्हित किए जा चुकेहैं। तब्लीगी मरकज में प्रवास करने वाले बहुत से लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। इससे देश स्तर पर यह संशय बढ़ा है कि लॉकडाउन की अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है। मध्य प्रदेश भी इसी कशमकश से जूझ रहा है।

हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि आगे लॉकडाउन नहीं बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल तक 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया और राज्य में इसका अनुपालन हो रहा है। इसी बीच तब्लीगी मरकज में संक्रमितों के पाए जाने की घटना ने लोगों के होश उड़ा दिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि आगे की परिस्थिति से तय होगा कि क्या कदम उठाए जाएं। पूरे राज्य में असमंजस बना हुआ है। जिस तरह कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, उससे कठिन चुनौतियों से इन्कार नहीं किया जा सकता है। शोधार्थी नवीन श्रीवास्तव कहते हैं कि 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन कोविड-19 के प्रसार को रोकने में कारगर साबित नहीं होगा।

वह ब्रिटेन में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में एप्लाइड मैथमेटिक्स और थ्योरिटिकल फिजिक्स के रोनोजॉय अधिकारी और राजेश सिंह द्वारा तैयार शोध केहवाले से याद दिलाते हैं कि 21 दिनों केलॉकडाउन से कोरोना वायरस की फिर से वापसी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए 49 दिनों के लॉकडाउन या पांच-पांच दिनों की छूट देते हुए दो महीने तक चलने वाले लॉकडाउन की वकालत की है।

रेल और बस सेवा से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में 14 अप्रैल के बाद बुकिंग शुरू हो गई है। इससे विश्वास बढ़ा है कि निर्धारित अवधि के बाद लॉकडाउन समाप्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अधिकारियों से लगातार वार्ता कर आने वाली चुनौतियों का सामना करने केलिए मुस्तैद किया है।

इसके पहले ही केंद्र सरकार ने 11 अधिकार प्राप्त समूहों का गठन किया है और ये समूह लॉकडाउन से विभिन्न सेक्टर पर पड़ने वाले असर का आकलन करेंगे और सब कुछ जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए जरूरी कदमों का सुझाव देंगे। राज्य में भी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कर दी है।