ट्रेन चलने की अफवाह से लोग जुटे...

Lockdown का उल्लंघन कर मुंबई के बांद्रा में जमा हुए हजारों मजदूर


मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित कर लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। मैं इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं। उन्होनें कहा कि महाराष्ट्र संभवत सबसे ज्यादा टेस्ट कर रहा है। मुंबई ने 22000 से अधिक नमूनों का टेस्ट किया है जिसमें से आज सुबह तक 2334 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। 230 लोग-लगभग 10% लोग ठीक हो चुके हैं। उन्होनें कहा कि बांद्रा में आज जो कुछ हुआ उसे लेकर कहुंगा कि मजदूरों को डरने की जरुरत नहीं, हम हर असुविधा को दूर करेंगे।

उद्धव ठाकरे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनता को संबोधित करते हुए बांद्रा में हुई घटना पर कहा कि आप चिंता मत करो, यह चुनौती का वक्त है और इस वक्त में हम आपका ध्यान रख रहे है। कोई नही चाहता कि आप लॉक डाउन में रहे। ठाकरे ने इस घटना पर कहा कि किसी ने कहा होगा तब जाकर इतने लोग इक्ठ्ठा हुए। उन्होनें कहा कि कोई इस पर राजनीति न करे। कोई इसतरह की बाते न फैलाये जिससे गलतफहमी फैले। इस घटना पर कानून के मुताबिक कार्रवाही होगी। ठाकरे ने कहा कि आज अमित शाह, सोनिया गांधी और शरद पवार से भी बात हुई। उन्होनें बताया कि सभी दल साथ है और यह युद्ध हम जीतेंगे।

आपको बता दें कि आज मुंबई के बांद्रा में स्टेशन पर भारी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 1500 की संख्या में लोग बांद्रा स्टेशन पर पहुंच गए। इन लोगों को ऐसी अफवाह मिली थी के यहां से ट्रेन सर्विस फिर शुरु होगी और इस कारण लोग हजारों की संख्या में वहां पहुंचे। इन लोगों में ज्यादातर ऐसे थे जो दूसरे राज्यों से मुंबई में काम करते है। मुंबई के बांद्रा इलाके में लोगों की लॉकडाउन तोड़ने के लिए उकसाने के आरोप में नवी मुम्बई पुलिस ने विनय दुबे नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया है। बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई इस एफआईआर के अलावा जोन वन के आज़ाद मैदान पुलिस में भी कर्स दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। अफवाह फैलाने वालो के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी।

गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को फोन किया और बांद्रा में जुटी भीड़ को लेकर चिंता व्यक्त की। गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस तरह की घटनाओं से भारत की कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई कमजोर होती है और ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपना पूरा समर्थन भी दिया है।

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 2684 पहुंच गई है जबकि अब तक 178 लोगों की वायरस की वजह से मौत हो चुकी है। 259 कोरोना वायरस मरीज रोगमुक्त हुए है। पिछले 24 घंटे में राज्य में 350 नए मामले मिले है और 18 लोगों की इस खतरनाक बीमारी से मौत हुई है।

मुंबई के बांद्रा इलाके में हजारों की भीड़ इकट्ठा होने के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोगों के मन में था कि 14 अप्रैल के बाद ट्रेन चलेगी. ये अफवाह उड़ी और लोग इकट्ठा होने लगे. हम बाहरी मजदूरों के लिए खाने का इंतजाम कर रहे हैं, अन्य इंतजाम भी किया जा रहा है. डरने की कोई जरूरत नहीं है. किसी को भी घर जाने की जरूरत नहीं है. हम सभी के लिए इंतजाम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाओं के साथ खेलकर किसी ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई होगी. कोई भड़काने का काम नहीं करे.मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र ने कोरोना वायरस से संक्रमण के लिए सबसे ज्यादा नमूनों की जांच की है. उन्होंने कहा, ''महाराष्ट्र में 2,334 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि, उनमें से 230 इलाज के बाद संक्रमण मुक्त हुए, जबकि 32 लोगों की हालत गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है.''

दरअसल, कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा करने के कुछ ही घंटे बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर बांद्रा में सड़क पर आ गए और मांग की कि उन्हें उनके मूल स्थानों को जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाए. ये सभी प्रवासी मजदूर दिहाड़ी मजदूर हैं.

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए पिछले महीने लॉकडाउन लागू होने के बाद से दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. इससे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. हालाँकि अधिकारियों और गैर-सरकारी संगठनों ने उनके भोजन की व्यवस्था की है, लेकिन उनमें से अधिकतर पाबंदियों के चलते हो रही दिक्कतों के चलते अपने मूल स्थानों को वापस जाना चाहते हैं.

पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार करीब 1000 दिहाड़ी मजदूर अपराह्न करीब तीन बजे रेलवे स्टेशन के पास मुंबई उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा (पश्चिम) बस डिपो पर एकत्रित हो गए और सड़क पर बैठ गए. दिहाड़ी मजदूर पास के पटेल नगरी इलाके में झुग्गी बस्तियों में किराए पर रहते हैं, वे परिवहन सुविधा की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपने मूल नगरों और गांवों को वापस जा सकें. वे मूल रूप से पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के रहने वाले हैं.

एक मजदूर ने अपना नाम बताये बिना कहा कि एनजीओ और स्थानीय निवासी प्रवासी मजदूरों को भोजन मुहैया करा रहे हैं लेकिन वे लॉकडाउन के दौरान अपने मूल राज्यों को वापस जाना चाहते हैं क्योंकि बंद से उनकी आजीविका बुरी तरह से प्रभावित हुई है. उसने कहा, ‘‘अब, हम भोजन नहीं चाहते हैं, हम अपने मूल स्थान वापस जाना चाहते हैं, हम (लॉकडाउन बढ़ाने की) घोषणा से खुश नहीं हैं.’’