मतलब पूरा होने के बाद फेर लीं नज़रें...

अमेरिका निकला एहसान फरामोश !


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑफिस ने पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अनफॉलो किया तो कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि ये अमेरिका का निराश करने वाला कदम है. राहुल गांधी ने कहा कि व्हाइट हाउस द्वारा पीएम और राष्ट्रपति को अनफॉलो करने से वे निराश हैं.

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय इस मामले का संज्ञान ले. बता दें कि अमेरिका को जब अपने यहां कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज करने के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा की जरूरत थी तो भारत ने उसकी मदद की थी.

तब व्हाइट हाउस ने सॉफ्ट डिप्लोमेसी का परिचय देते हुए ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भारत के 5 ट्विटर हैंडल को फॉलो करना शुरू किया था. लेकिन लगभग तीन हफ्ते बाद व्हाइट हाउस ने इन सभी ट्विटर अकाउंट को अनफॉलो कर दिया है.

व्हाइट हाउस ने जिन ट्विटर अकाउंट को अनफॉलो किया है, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन, अमेरिका में भारतीय दूतावास और भारत में अमेरिकी दूतावास का ट्विटर अकाउंट है. इनके अलावा भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर को भी व्हाइट हाउस ने अनफॉलो कर दिया है.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि व्हाइट हाउस द्वारा हमारे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अनफॉलो किए जाने पर मैं निराश हूं, मैं अपील करता हूं कि विदेश मंत्रालय इस फैसले का संज्ञान ले. इसके साथ ही व्हाइट हाउस ने फिर से सिर्फ अमेरिकी प्रशासन, डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े ट्विटर हैंडल को फॉलो करना शुरू कर दिया है.

व्हाइट हाउस अब सिर्फ 13 ट्विटर हैंडल को फॉलो कर रहा है. इससे पहले राहुल गांधी ने तब भी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना की थी जब उन्होंने कहा कि था कि अगर भारत अमेरिका को एचसीक्यू टैबलेट की सप्लाई नहीं करता है तो अमेरिका भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

तब राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था, "‘मित्रों’ में प्रतिशोध की भावना? भारत को सभी देशों की सहायता के लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन सबसे पहले जान बचाने की सभी दवाइयां और उपकरण अपने देश के कोने-कोने तक पहुंचना अनिवार्य है.