अब तक कुल 136 सेम्पल जांच हेतु भेजे गए...

कलेक्टर ने लोगों से की लॉकडाउन के दौरान घर पर रहने  की अपील


ग्वालियर। नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये जिले में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित मरीजों की जांच के लिये निरंतर जांच के सेम्पल भेजे जा रहे हैं। ग्वालियर जिले की शुक्रवार 3 अप्रैल को 24 रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं। सभी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई हैं। जिले में अब तक कुल 136 सेम्पल कोरोना जांच हेतु भेजे गए जिनमें से 108 की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। प्राप्त रिपोर्टों में 2 रिपोर्ट चेतकपुरी निवासी  अभिषेक एवं बीएसएफ टेकनपुर के मनोज कुमार की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गईं थी, जिनका सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। दोनों की स्थिति स्थिर है। इसके अतिरिक्त प्राप्त सभी रिपोर्ट निगेटिव मिली हैं।

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। जिले में मोतीमहल स्थित स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमाण्ड सेंटर को कंट्रोल रूम के रूप में स्थापित कर पूरे जिले में कार्रवाई पर निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम में संचालित वॉट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श निरंतर दिया जा रहा है। जिले के कुल 454 लोग वीडियो कॉलिंग चिकित्सीय परामर्श का लाभ ले चुके हैं। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से चिकित्सीय सलाह के साथ-साथ आम जनों की स्वास्थ्य संबंधी शंकाओं का निराकरण भी चिकित्सीय दल द्वारा किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि वीडियो कॉलिंग से आने वाले सभी कॉल पर चिकित्सक चिकित्सीय परामर्श देने के साथ-साथ सभी लोगो को अपने घर पर ही रहने की सलाह भी दे रहे हैं। इसके साथ ही अपने परिवार के साथ-साथ आस-पास के लोगों को भी लॉकडाउन के दौरान घर पर ही रहने के लिये प्रेरित करने का भी आग्रह किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चेतकपुरी एवं टेकनपुर क्षेत्र जहां से पॉजिटिव रिपोर्ट आईं थीं उस क्षेत्र को एपी सेंटर घोषित कर कंटोनमेंट जोन बनाया गया है। इन दोनों स्थानों के तीन किलोमीटर दायरे में निवास करने वाले परिवारों का सर्वेक्षण भी कराया जा रहा है। कराए जा रहे सर्वे की मॉनीटरिंग कमाण्ड कंट्रोल सेंटर द्वारा की जा रही है। जियो फेंसिंग, मैपिंग आदि आधुनिक तकनीक से इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है।


 कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम हेतु कंट्रोल कमाण्ड सेंटर में 24X7 हैल्पलाइन सेवायें सीएम हैल्पलाइन, जिले के प्रमुख अधिकारियों के वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं तथा शिकायतों पर इंसीडेंट कमाण्डर के दलों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। कंट्रोल कमाण्ड सेंटर पर प्राप्त सूचनाओं एवं शिकायतों को संबंधित क्षेत्र के इंसीडेंट कमाण्डर्स को भेजकर त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

जिले में पाँच रिलीफ कैम्प भी स्थापित किए गए हैं। इन रिलीफ कैम्पों में लोगों को भोजन, चिकित्सीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में अब तक लगभग 24 हजार व्यक्तियों को भोजन एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिले के निवासी जो विदेश से लौटे हैं। ऐसे कुल 496 व्यक्तियों को होम क्वारंटाइन किया गया है। इनमें से अधिकतर की क्वारंटाइन अवधि भी समाप्त हो गई है। इसके अतिरिक्त जिले में कुल 967 लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया है। 6 कोरोना संदिग्धों को हॉस्पिटल आईसोलेशन में रखा गया है। 63 व्यक्तियों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा गया है। जिले में अब तक कुल 2725 लोगों की स्क्रीनिंग चिकित्सीय दल द्वारा कराई गई है।

कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी कहा कि जिले के निवासियों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी होम डिलेवरी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। लॉकडाउन के दौरान सुबह 9 बजे तक दूध एवं समाचार पत्र का वितरण कराया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंधात्मक आदेशों का पुलिस विभाग के माध्यम से पालन सुनिश्चित किया गया है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संगठनों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों के माध्यम से जन सहयोग के रूप में जरूरतमंदों को भोजन एवं खाद्य सामग्री का वितरण भी निरंतर किया जा रहा है।

कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि लॉकडाउन के दौरान वे अपने घरों में ही रहें। इसके साथ ही अपने आस-पास के लोगों को भी घर पर ही रहने हेतु प्रेरित करें। आस-पड़ोस में रहने वाले पड़ोसी को सहयोग करें और आवश्यकता हो तो जिला स्तर पर स्थित कंट्रोल रूम को सूचित करें। कंट्रोल रूम पर प्राप्त सूचनाओं पर प्रशासन तत्परता से कार्रवाई करेगा।