केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल हुआ निर्मित...

खरीदी केंद्र पर एक ही दिन में पहुंचे हजारों ट्रैक्टर


बीना। ग्राम बारधा स्थित साइलो खरीदी केंद्र पर किसानों का पहुंचना जारी है। जिसके मुकाबले खरीदी धीमी गति से हो रही है। इस कारण केंद्र पर किसानों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का मेला सा लग रहा है। स्थिति यह है कि रोजाना चार सौ से ज्यादा ट्रैक्टर तुलाई करवाने से छूट जाते हैं। शुक्रवार को केंद्र पर एक साथ एक हजार से ज्यादा ट्रैक्टर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। दूसरी तरफ किसानों को केंद्र पर सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है। नियंत्रण के लिए एनआईसी से किसानों को मैसेज भेजना बंद करा दिए गए हैं।

खुरई व बीना की 17 सहकारी समितियों के लिए बारधा में साइलो खरीदी केंद्र बनाया गया है। यहां पहुंचने वाले किसानों के उपज की तौल कराकर सीधे साइलो बैग में भंडारण कर दिया जाता है। जिससे परिवहन व अन्य समस्याओं से शासन को राहत मिल रही है।

परंतु सबसे बड़ी समस्या तौल व खरीदी की प्रक्रिया को जल्द पूरी करने की है। गुरुवार रात तक 400 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रखे अनाज की तौल नहीं हो सकी थी। शुक्रवार सुबह होते-होते एक हजार से ज्यादा ट्रैक्टर और पहुंच गए। इससे केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। पहले से मौजूद किसान अपनी तौल को लेकर चिंतित रहे थे तो जो किसान वहां उपज लेकर पहुंचे, वह भीड़ देखकर घबरा गए।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किसानों को केंद्र पर किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिली। सैनिटाइजर नहीं था, छांव के लिए टेंट भी नहीं लगाया गया था। किसानों के लिए पीने का पानी कम मात्रा में था। यही नहीं शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए बार-बार किसानों से नहीं कहा जा रहा था।

अधिकारियों द्वारा तय किया गया था कि शुरुआत में 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को एसएमएस भेजकर उपज मंगाई जाएगी, जिससे संख्या जल्दी कम होगी। परन्तु एनआईसी की ओर से बड़े किसानों को भी मैसेज कर दिए गए। एक किसान 100-100 ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंच गया, जिससे वहां वाहनों की संख्या ज्यादा रही।

बारधा स्थित खरीदी केंद्र पर 18 अप्रैल से तुलाई शुरू हो सकी है। पहले दिन 18 अप्रैल को यहां 61 ट्रैक्टर पहुंचे थे। दूसरे दिन 19 अप्रैल को 110, 20 अप्रैल 111, 21 अप्रैल 90, 22 अप्रैल 102 तथा 23 अप्रैल को 115 वाहन पहुंचे। 24 अप्रैल को इकट्ठे 1057 ट्रॉलियां पहुंच गईं, जिनमें से 600 के आसपास की तुलाई दोपहर 2 बजे तक हो चुकी थी। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए केंद्र पर आने वाले किसानों को शारीरिक दूरी बनाए रखने लिए कहा जा रहा है। सैनिटाइजर सहित अन्य व्यवस्थाएं भी बनाई जा रही हैं।