भोपाल-इंदौर समेत 10 जिले रेड जोन में…

मध्यप्रदेश में भी 3 मई तक जारी रहेगा लॉकडाउन


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम कोरोना से युद्ध जीतेंगे। मध्य प्रदेश में भी 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। प्रधानमंत्री ने आज फिर सारे देश का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कोरोना को परास्त करने के लिए जो रास्ता दिखाया है, उसी पर चलकर हम निश्चित रूप से जल्द कोरोना को परास्त करेंगे। उनके आह्वान का हम अक्षरश: पालन करेंगे, क्योंकि कोरोना के संक्रमण को रोककर उसे खत्म करने का यही सर्वोत्तम उपाय है।’ प्रदेश में अब तक 25 जिलों में कोरोना संक्रमण फैल चुका है, इसमें भोपाल और इंदौर समेत 10 जिले रेड जोन में शामिल हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए राज्य स्तर की टेक्नीकल एडवाइजरी कमेटी का गठन किया है। इसके अध्यक्ष आईएएस डॉक्टर सुदाम खाड़े बनाए गए हैं। उनके साथ आठ सदस्यों को शामिल किया गया है। डॉ. संतोष शुक्ला कमेटी के कोऑर्डिनेटर होंगे। डॉ. दिनेश कुमार पाल, डॉ. लोकेंद्र दवे, डॉ. देवाशीष विश्वास, डॉ. प्रज्ञा तिवारी, डॉ. अभिजीत पाखरे, डॉ. सागर खड़ंगा, डॉ. पंकज जैन, आईएएस कलेक्टर विदिशा इस कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं। टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी कोरोना के नियंत्रण के लिए कार्य योजना तैयार करेगी। प्रदेश में आवश्यकता अनुसार तकनीकी निर्देशों जैसे सर्विलांस, सैंपल कलेक्शन, क्लीनिकल मैनेजमेंट, आइसोलेशन, क्वारैंटाइन और गाइडलाइंस आदि तैयार कर उन्हें जारी करेगी। समिति हर रोज प्रदेश का में कोरोना को लेकर किए जा रहे कार्यों का विवरण अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को भेजेगी।

सरकार ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के साथ सभी सिनेमाघरों को 3 मई तक बंद करने का आदेश दिया। इसके साथ ही शराब की दुकानों को 20 अप्रैल तक बंद रहेंगी। सिनेमा कोरोना के संक्रमण को फैलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। इसलिए सरकार ने इसे लॉकडाउन की अवधि तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के विस्तार के लिए गाइडलाइन जारी की जाएगी, उसी के आधार पर प्रदेश में काम होंगे। इससे पहले प्रदेश में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन जारी रखने की तैयारी की जा रही थी। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब सारी तैयारियों का फोकस 3 मई तक के लिए कर दिया गया है। लाॅकडाउन को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर मध्य प्रदेश अपनी गाइडलाइन तैयार करेगा। मध्य प्रदेश के 52 जिलों में कैसे और कितना लॉकडाउन रखना है, कहां छूट देनी है उसे लागू किया जाएगा।

भोपाल और इंदौर को फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि कोविड-19 के ज्यादा केस और हाॅटस्पाॅट देखते हुए इन्हें रेड क्षेत्र में रखा गया है। सात जिले ऐसे हैं, जहां 10 से अधिक कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं और इक्का-दुक्का मौतें हुई हैं, यहां भी सख्ती होगी। जहां 10 केस से कम हैं, उन्हें ऑरेंज क्षेत्र में जोन में है। बचे हुए 29 जिलों में लाॅकडाउन के दौरान भी जिले के भीतर कुछ गतिविधियों के संचालन की मंजूरी मिल जाएगी। भोपाल और इंदौर के साथ उज्जैन, जबलपुर, खरगोन, मुरैना, बड़वानी, विदिशा और होशंगाबाद में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जारी रहेगी। किराने की दुकानें आवश्यकता के मुताबिक खोली जाएंगी। यानी इन्हें बंद भी कर सकते हैं। कुछ समय के लिए खोल भी सकते हैं। दवाओं की दुकानें खुलेंगी। ऑनलाइन पर ज्यादा फोकस रहेगा। होम डिलीवरी जारी रह सकती है।


ग्वालियर, देवास, खंडवा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, बैतूल, धार, रायसेन, श्योपुर, सागर, शाजापुर, मंदसौर, सतना, रतलाम यहां दूध, खाद्य पदार्थों का परिवहन जारी रहेगा। किराने की दुकानें भी खोली जा सकेंगी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी रहेगा। सार्वजनिक परिवहन बंद रहेगा। उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, रीवा, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, मंडला, सिवनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, कटनी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, अशोक नगर, दतिया, गुना, भिंड, नीमच, आगर मालवा, बुरहानपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, राजगढ़ और सीहोर।