हमलावर सोच सबसे खतरनाक वायरस…

देशभर में डॉक्टर, पुलिस और जांच टीमों पर 3 दिन में 9 हमले


नई दिल्ली/भोपाल l लॉकडाउन, समझाइश, जांच और निगरानी जैसे तमाम कदमों के बावजूद देश में कोरोना के मामले दो हजार के पार निकल चुके हैं। खतरा कितना बड़ा है, यह अब समझाने की जरूरत भी नहीं। कोरोना के खिलाफ पुलिस, डॉक्टर, सफाईकर्मी और तमाम अमले लगातार लड़ रहे हैं। लेकिन, लोगों की जान बचाने वालों पर ही हमले हो रहे हैं। उनसे बदतमीजी की जा रही है। दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज से क्वारैंटाइन किए गए डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों ने पुलिस और डॉक्टर से बदसलूकी की। उन पर थूका और गालियां दीं। ऐसा ही कुछ इंदौर में भी हुआ। यहां बुधवार को एक इलाके में संक्रमितों की जांच करने गई टीम पर हमला हुआ। पत्थर फेंके गए।

मशहूर शायर और इंदौर की गली-कूचों में जिंदगी बिताने वाले राहत इंदौरी ने अपने शहर की घटना पर जो कहा, उससे जाहिर हो जाता है कि यह हमलावर सोच ही सबसे बड़ा वायरस है। राहत कहते हैं- कल रात 12 बजे तक मैं दोस्तों से फोन पर पूछता रहा कि वह घर किसका है, जहां डॉक्टरों पर थूका गया है, ताकि मैं उनके पैर पकड़कर माथा रगड़कर उनसे कहूं कि खुद पर, अपनी बिरादरी, अपने मुल्क व इंसानियत पर रहम खाएं। यह सियासी झगड़ा नहीं, बल्कि आसमानी कहर है, जिसका मुकाबला हम मिलकर नहीं करेंगे तो हार जाएंगे।
इंसानियत को शर्मसार करते 9 मामले l

1. नई दिल्ली: धर्म की तालीम लेने वालों ने डॉक्टरों पर थूका
निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से बुधवार सुबह तक 2000 से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाला गया था। 167 लोगों को क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया। जमातियों ने पूरी इमारत में जगह-जगह थूका। पुलिस और डॉक्टर्स को भी इन्होंने भलाबुरा कहा और उन पर भी थूका। स्टाफ को गालियां दीं। एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी की भी कोशिश की।

2. इंदौर (मध्य प्रदेश): डॉक्टरों पर पत्थर फेंके
इंदौर के टाटपट्टी बाखल में बुधवार कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर यहां के लोगों ने पथराव कर दिया। सिलावटपुरा में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद टीम संदिग्धों की जांच के लिए आई थी। एक और मामला है। एक परिवार ने ने अफसरों पर इल्जाम लगाया कि वे क्वारैंटाइन के नाम पर परेशान कर रहे हैं। अब इस परिवार के 3 लोग संक्रमित हैं।

3. मुजफ्फरपुर (बिहार): जान की कीमत समझाई तो पुलिसवालों पर हमला
मुजफ्फरपुर में 11 साल की बच्ची की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों की जांच करने गई थी। लेकिन, भीड़ ने टीमों पर हमला कर दिया। दो पुलिस जवानों को पीट-पीटकर घायल कर दिया। घटना बुधवार की है। जब स्वास्थ्य विभाग ने जागरूक करने की कोशिश की तो कहने लगे मौत कोरोना की वजह से नहीं हुई। ऐहतियात बरतने को कहा तो पथराव कर दिया।
4. सहारनपुर (यूपी): मस्जिद के बाहर जमा लोगों को समझाने पर हमला
सहारनपुर के जमालपुर गांव में मंगलवार शाम मस्जिद के बाहर इकट्ठा लोगों को पुलिस ने हटने के लिए कहा। सोशल डिस्टेंसिंग की बात कही तो भीड़ मारपीट करने लगी। दो पुलिस जवानों को चोटें आईं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, उन्हें भी भीड़ ने छुड़ा लिया। 26 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।

5. रायपुर (छत्तीसगढ़): सैनिटाइजेशन कर रहे कर्मियों को पीटा
नगर निगम के कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान सैनिटाइजेशन का काम कर रहे थे। लेकिन, यहां कुछ लोगों ने इन कर्मियों से बदसलूकी की। उन्हें मारापीटा।

6. बेंगलुरु (कर्नाटक): आशा कार्यकर्ता पर हमला
बेंगलुरु में कोरोनावायरस से जुड़ा डेटा कलेक्ट करने गई एक आशा कार्यकर्ता पर लोगों हमला बोल दिया। कार्यकर्ता कृष्णावेनी का आरोप है कि एक मस्जिद से लोगों को भड़काया गया और इसके बाद उन पर हमला किया गया।

7. रांची (झारखंड): स्क्रीनिंग करने पहुंची टीम को भीड़ ने भगाया
रांची के हिंदपीढ़ी इलाके में मलेशिया की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। जिस घर से महिला मिली, उसके आसपास के घरों में रहने वालों के स्वास्थ्य की जांच के लिए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम बनाई। टीम गुरुवार को लोगों की जांच करने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने इनका विरोध किया। ये लोग प्रशासन पर हिंदपीढ़ी क्षेत्र को बदनाम करने का आरोप लगा रहे थे। भीड़ ने टीम को वहां से भगा दिया।

8. जयपुर (राजस्थान): पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके
रामगंज इलाके में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों पर मंगलवार को कुछ लोगों ने पत्थर फेंके। हमले में दो
पुलिसकर्मी घायल हुए। गुरुवार को इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया।

9. टोंक (राजस्थान): सर्वे करने पहुंची टीम को पीटा
कोतवाली इलाके में सर्वे करने पहुंची छह सदस्यीय टीम पर लोगों ने हमला कर दिया। मेडिकल टीम के सदस्यों से जमकर मारपीट व गालीगलौज की। कागजात फाड़कर नाली में फेंक दिए। 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।